अयोध्या में बैंककर्मी रहे हड़ताल पर, 9 यूनियंस ने किया प्रदर्शन, आज भी करेंगे जनसभा

अयोध्या। बैंकों की देशव्यापी हड़ताल का असर जनपद में भी दिखा। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले बैंकिंग उद्योग की 9 यूनियंस बैंकों के निजीकरण बिल और बैंकिंग संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में हड़ताल की। साथ ही सिविल लाइंस स्थित सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने प्रदर्शन कर जनसभा की। …
अयोध्या। बैंकों की देशव्यापी हड़ताल का असर जनपद में भी दिखा। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले बैंकिंग उद्योग की 9 यूनियंस बैंकों के निजीकरण बिल और बैंकिंग संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में हड़ताल की। साथ ही सिविल लाइंस स्थित सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने प्रदर्शन कर जनसभा की। हड़ताल से जनपद में लगभग 200 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। प्राइवेट बैंक भी आंशिक रूप से प्रभावित रहे।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में तले नहीं खुले। संयोजक सुभाष श्रीवास्तव ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइंस शाखा फैजाबाद के सामने विशाल प्रदर्शन करते हुए सभा करने का ऐलान किया है। सभा की अध्यक्षता वीके सिंह और संचालन केके रस्तोगी प्रांतीय मंत्री सेन्ट्रल बैंक स्टाफ एसोसिएशन और यूएफबीयू के मंत्री डी सी टंडन ने किया।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा क्षेत्रीय कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन कर देवकाली बाई पास से संयोजक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, केके रस्तोगी, एकांत सिन्हा, विशाल शुक्ला सुभाष त्रिवेदी, रवि किरण, डीएन तिवारी, अरुण कूल के नेतृत्व में मोटर साइकिल जुलूस निकालकर भारत सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में नारे लगाते हुए देवकाली ,चौक होकर सभा स्थल सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइंस पहुंचे। सभा को सम्बोधित करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा नेता विशाल शुक्ला, सुभाष त्रिवेदी, डी एन तिवारी ने भारत सरकार की आर्थिक नीतियों की घोर आलोचना की। केके रस्तोगी ने भारत सरकार की बैंको की निजीकरण प्रस्तावित बिल को धोखा बताया।
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इंडियन बैंक नेताआर एस दूबे, चंद्रकांत, अशोक मिश्रा केनरा बैंक नेता नीरज, देवेन्द्र, संदीप त्रिवेदी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के इंद्रराज, प्रवीन सिन्हा, जे पी गुप्ता, अर्चना, रवि तिवारी ने बताया कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण को बचाने के लिए अनिश्चित काल हड़ताल के लिए हम सभी बैंककर्मी तैयार हैं। निजीकरण के लिए प्रस्तावित बैंक, पीसीबी के शुभम शर्मा, आईओसी के रवि पाण्डे, बैंक ऑफ इंडिया के मो शाहिद, जे पी तिवारी, सेन्ट्रल बैंक के रामगोपाल सिंह, राम प्रीत, दिनेश तिवारी, सतेंद्र आर पी यादव, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सी एन त्रिपाठी ने कहा कि खून भी देंगे जान भी देंगे, लेकिन अपने बैंक का निजीकरण कभी नहीं होने देंगे।