बरेली: नगर निगम के इंजीनियरों के खिलाफ ठेकेदारों का हल्ला बोल

बरेली: नगर निगम के इंजीनियरों के खिलाफ ठेकेदारों का हल्ला बोल

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण विभाग में कमीशनबाजी और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर ठेकेदार लामबंद हो गए हैं। उन्होंने गुरुवार को नगर निगम में पहुंचकर हल्ला बोल दिया। ठेकेदारों ने नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण कार्यों के बिल बाउचर बनाने से लेकर भुगतान में चल रहे कमीशन का भी पर्दाफाश किया। उनका …

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण विभाग में कमीशनबाजी और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर ठेकेदार लामबंद हो गए हैं। उन्होंने गुरुवार को नगर निगम में पहुंचकर हल्ला बोल दिया। ठेकेदारों ने नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण कार्यों के बिल बाउचर बनाने से लेकर भुगतान में चल रहे कमीशन का भी पर्दाफाश किया।

उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में ठेकेदारों का काम करना मुश्किल हो गया है। भुगतान रोके जाने से बड़ी संख्या में सड़क-नालों आदि के निर्माण के काम ठेकेदार या तो कर नहीं पा रहे हैं या फिर बजट के अभाव में उसने कार्यों को अधर में ही छोड़ दिया है। नगर आयुक्त का कहना है कि इन मामलों को गंभीरता से लेकर जांच कराई जा रही है।

नगर निगम के निर्माण विभाग के कई बड़े घपले और गंभीर शिकायतें कुछ दिन पहले उजागर हुई हैं। एक पूर्व पार्षद की निर्माण कार्यों में कमीशन का खेल और इंजीनियरों के ठेकेदारों के बिल न बनाए जाने की मुख्यमंत्री तक भेजी गई शिकायत के बाद इसकी एंटी करप्शन जांच कर रही है। इसमें चीफ इंजीनियर भूपेश कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इस बीच मेयर डॉ. उमेश गौतम ने भी मुख्य अभियंता सहित निर्माण विभाग के अन्य इंजीनियरों पर कमीशनखोरी सहित कई दूसरे आरोप लगाए हैं। इन सभी मामलों के नगर विकास मंत्री तक पहुंचने के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त कई अभियंताओं के बीच खलबली मची हुई है। अब इस लड़ाई में ठेकेदारों ने मैदान में कूदते हुए मोर्चा संभाल लिया है। नगर निगम कॉन्ट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने निर्माण कार्यों की पत्रावलियों को रोकने का मामला उठा दिया है।

गुरुवार को ठेकेदारों ने लेखा विभाग और मुख्य नगर लेखा परीक्षक की आपत्तियों को लेकर नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया है। ठेकेदारों ने कहा कि उन्हें समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इससे निर्माण कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। ठेकेदारों ने दिवाली से पहले भुगतान करने की मांग की है। इस मौके पर आशा कुमाी, नावेद हासिम, मनोज कुमार, संतोष कुमार, मोहम्मद शाकिर सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे।

गैर जरूरी आपत्तियां लगाकर रोकी जा रहीं पत्रावलियां
ठेकेदार संघ के अध्यक्ष धर्नेश सोना व महासचिव जावेद सिद्दीकी ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि नगर निगम के निर्माण विभाग की पत्रावलियों में लेखाधिकारी व मुख्य नगर लेखा परीक्षक मनमाने तरीके से आपत्तियां लगा रहे हैं। भुगतान को रोकने के लिए यह किया जा रहा है। नियम के मुताबिक भुगतान होने के तत्काल बाद ही ऑडिट किया जाएगा लेकिन मुख्य नगर लेखा परीक्षक भुगतान होने से पहले ऑडिट कर रहे हैं।

इसके बाद अनावश्यक तरीके से पत्रावलियों पर आपत्तियां लगाई जा रही हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि भुगतान कई माह से अटके हुए हैं। इससे निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि उनके भुगतान दिवाली से पहले कराए जाएं और लेखा विभाग द्वारा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।

निर्माण विभाग में लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इस वजह से ठेकेदारों का भुगतान लटका हुआ है। अब ठेकेदार किसी कीमत पर चुप बैठने वाले नहीं है। -धर्मेश सोना, अध्यक्ष, नगर निगम कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन