बरेली: 17 महीने बाद खुले स्कूल, फिर भी बच्चों को नहीं मिल रहा मिड डे मील

बरेली। मीरगंज के प्राथमिक विद्यालय पहुंचा बुजुर्ग में बच्चों को मिड-डे-मील भी नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में खाना बनाने वाली तीनों रसोइया आती है और बिना खाना बनाए चली जाती है। बच्चों का कहना है कि उन्होंने कई बार कहा कि स्कूल में खाना कब बनेगा तो सभी यह कह देते है कि …
बरेली। मीरगंज के प्राथमिक विद्यालय पहुंचा बुजुर्ग में बच्चों को मिड-डे-मील भी नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में खाना बनाने वाली तीनों रसोइया आती है और बिना खाना बनाए चली जाती है। बच्चों का कहना है कि उन्होंने कई बार कहा कि स्कूल में खाना कब बनेगा तो सभी यह कह देते है कि कल से बनेगा। मगर अभी तक यह कल नहीं आया।
कोरोना संक्रमण की वजह से सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया। 17 महीने बाद जब स्कूल खुले तो बच्चे खाने को भी तरस रहे है। स्कूल की रसोइया मीना देवी ,विधा देवी और पन्ना ने बताया कि जब से स्कूल खुला है तब से वह रोज यहां पर खाना बनाने आती है। मगर यहां पर राशन नहीं होने की वजह से वह वापस चली जाती है।
वही इस बारे में गांव के प्रधान राजेन्द्र कुमार का आरोप है कि प्रधानाध्यापक की लापरवाही की वजह से स्कूल में आज तक मिड डे मील नही बना है। वह किसी न किसी बीमारी का बहाना बनाकर मिड-डे-मील पर ध्यान नहीं दे रहे है। हैरत की बात है कि आखिर इतने दिन मिड-डे-मील नहीं बनने पर इसका बजट कहां खपाने की तैयारी चल रही है। वहीं इस बारे में स्कूल के प्रधानाध्यापक का कहना है कि मिड-डे-मील की चीजें खरीदी जा चुकी है। मगर कोटेदार ने अभी तक राशन उपलब्ध नहीं कराया है। जिसकी वजह से मिड-डे-मील बनवाने में देरी हो रही है।