हल्द्वानी: डेल्टा प्लस वैरिएंट की दस्तक, कम कर दी गई कोरोना जांच

हल्द्वानी: डेल्टा प्लस वैरिएंट की दस्तक, कम कर दी गई कोरोना जांच

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में कोरोनो के खतरनाक डेल्टा प्लस वैरिएंट के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा है। विभाग ने कोरोना जांचों को बढ़ाने के बजाए कम कर दिया है। जुलाई की अपेक्षा अगस्त में प्रतिदिन होने वाली कोरोना जांचों में कमी आई है। कोरोना से बचाव का एक तरीका यह भी है कि …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में कोरोनो के खतरनाक डेल्टा प्लस वैरिएंट के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा है। विभाग ने कोरोना जांचों को बढ़ाने के बजाए कम कर दिया है। जुलाई की अपेक्षा अगस्त में प्रतिदिन होने वाली कोरोना जांचों में कमी आई है।

कोरोना से बचाव का एक तरीका यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांचें करे, जिससे कोरोना संक्रमित व्यक्ति का पला चल सके और उसे आइसोलेट करके अलग कर दिया जाए, जिससे संक्रमण ज्यादा लोगों में न फैले। जहां तक बात डेल्टा प्लस वैरिएंट की है तो कोरोना संक्रमित मरीज के सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाता है, जिसमें से कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट का पता लगाया जाता है।

इधर, पिछले एक माह से स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच कम कर दी हैं। जबकि इस समय कुमाऊं के कुछ जिलों में कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट दस्तक दे चुका है। अगस्त में कोरोना की प्रतिदिन 1200 जांचें की जा रहीं हैं, जबकि जुलाई में प्रतिदिन प्रतिदिन 1500 जांचें करी जा रहीं थीं। यही नहीं जून में अप्रैल और मई के दौरान यह आंकड़ा 1800 था। यह समझ से परे है कि कोरोना की तीसरी लहर जब दस्तक दे रही है तब स्वास्थ्य विभाग जांचें कम क्यों कर रहा है। इस बारे में एसीएमओ डा. रश्मि पंत का कहना है कि कोरोना जांचें की जा रहीं हैं। जांचों के लिए मोबाइल टीम का भी गठन किया गया है।