Video: बच्चे ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल को बनाया माइक, फिर की सरकारी स्कूल की बदहाली की धाकड़ रिपोर्टिंग

गोड्डा के 12 वर्षीय छात्र सरफराज ने पत्रकार बन स्कूल की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी है।

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रांची। झारखंड के गोड्डा ज़िले में 12-वर्षीय एक बच्चे ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल को माइक बनाकर सरकारी स्कूल की बदहाली की रिपोर्टिंग की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में बच्चा कह रहा है, स्कूल में कोई पढ़ाने नहीं आता है…यहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है…सरकार क्या कर रही है? स्कूल में जंगल बना हुआ है।

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गोड्डा के 12 वर्षीय छात्र सरफराज ने पत्रकार बन स्कूल की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया पर सरफराज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें महागामा के भिखियाचक प्राथमिक विद्यालय में छात्र सरफराज हाथ में लकड़ी और प्लास्टिक की बोतल को माइक बना स्कूल की रिपोर्टिंग करता दिख रहा है।

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वीडियो में सरफराज बोल रहा है- अब मैं अपने गांव के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भिखियाचक के हालात दिखा देता हूं।’ वीडियो में सरफराज अपने साथी से सवाल-जवाब करता दिखाया गया है। स्कूल में शिक्षक नदारद रहते हैं। परिसर में बड़े-बड़े झाड़ उग गए हैं। न पेयजल की व्यवस्था है और न शौचालय की। क्लास रूम में चारा रखा हुआ है।

वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल कैम्पस की सफाई करवा दी गई है। साथ ही गोड्डा की डीएसई रजनी देवी ने भिखियाचक प्राथमिक विद्यालय के दो शिक्षकों की बर्खास्तगी की अनुशंसा की है।

ग्रामीण यह बताते हैं कि स्कूल की हालत वाकई बहुत खराब थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पा रही थी। कम से कम इस बच्चे की हिम्मत के कारण स्थितियां बदल जाए तो अच्छा है। हालांकि इस संबंध में रिपोर्टिंग करने वाले छात्र सरफराज ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद से शिक्षकों ने उसके घर जाकर धमकी भी दी। सरफराज का कहना है कि शिक्षकों ने मेरी मम्मी से बोला कि अपने बच्चे को संभालो नहीं तो अच्छा नहीं होगा।

भिखियाचक प्राथमिक विद्यालय सरिया पंचायत में पड़ता है उस पंचायत के मुखिया एमडी हबीब ने बताया कि स्कूल की हालत बदहाल है, कुछ दिन पहले भी गया था तो वहां पर जंगल झाड़ देखा गया था। इस बात को लेकर अभी मैं नया हूं इसलिए मैंने शिकायत नहीं की थी। लेकिन अब मैं इसे अपने तरीके से देखूंगा और आगे सुधार के लिए प्रयास करूंगा। महागामा के बीईओ हरिप्रसाद ठाकुर ने कहा कि यहां पर अभियान विद्यालय खोला गया था और हर अभियान विद्यालय में 2 शिक्षक देने का प्रावधान था। उसी के तहत वहां 2 शिक्षक दिया गया था। दोनों ही पारा शिक्षक हैं और उसी गांव के हैं।

कुछ दिनों से मध्याह्न भोजन बंद था और लापरवाही बरती गई थी। साफ-सफाई बिलकुल नहीं था। जो वीडियो वायरल हुआ उसके बाद से स्थिति में सुधार हुआ है। दोनों शिक्षक मोहम्मद रफीक और मोहम्मद तमीजुद्दीन पर आज कार्रवाई के लिए लिखा गया है और जिला शिक्षा अधीक्षक रजनी देवी ने इसकी अनुशंसा भी कर दी है। महागामा के बीडीओ प्रवीण चौधरी ने बताया कि स्कूल खुलने के समय एसडीओ और बीईओ के साथ में गए थे। स्कूल की स्थिति का जो वीडियो वायरल हुआ है, वह एक तरह से सच है। कार्रवाई के लिए अनुशंसा की है।

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