उत्तराखंड का डोबरा-चांठी पुल देश का पहला ऐसा झूला पुल है, जिसकी लंबाई 725 मीटर है

देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड की खूबसूरती को चार चांद लगाने वाले सस्पेंशन ब्रिज (झूला पुल) देश का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज है। प्रदेश के टिहरी झील पर निर्मित यह पुल सबसे लंबे डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज नाम से आज देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी जाना-पहचाना जाने लगा है। इस पुल के बनने से टिहरी …
देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड की खूबसूरती को चार चांद लगाने वाले सस्पेंशन ब्रिज (झूला पुल) देश का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज है। प्रदेश के टिहरी झील पर निर्मित यह पुल सबसे लंबे डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज नाम से आज देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी जाना-पहचाना जाने लगा है। इस पुल के बनने से टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र की करीब ढाई लाख की आबादी को लाभ मिला है।
इस ब्रिज के निर्माण का कार्य 2006 में शुरू हुआ था, डिजाइन फेल होने समेत तमाम कारणों के चलते लंबे समय तक निर्माण कार्य रुका भी रहा, ब्रिज की कुल लंबाई 725 मीटर है। इसमें सस्पेंशन ब्रिज 440 मीटर लंबा है, जबकि 260 मीटर आरसीसी डोबरा क्षेत्र की ओर और 25 मीटर स्टील गार्डर चांठी की ओर है। इस पर 15 टन तक भारी वाहन आसानी से गुजर सकते हैं।
यह पुल सिर्फ प्रतापनगर ओर टिहरी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पर्यटन की नई परिभाषा है। इससे दुनिया भर के पर्यटक यहां देखने पहुंचते हैं। पुल समुद्रतल से 850 मीटर की ऊंचाई पर बना है। इसके बनने के बाद भी टिहरी झील को अधिकतम आरएल 830 मीटर तक भरा जा सकता है। पुल की चौड़ाई सात मीटर है, जिसमें से साढ़े पांच मीटर पर वाहन चलते हैं। बाकी के डेढ़ मीटर पर पुल के दोनों तरफ 75-75 सेंटीमीटर फुटपाथ मौजूद हैं। पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें से 440 मीटर झूला पुल है वहीं 260 मीटर डोबरा साइड और 25 मीटर का एप्रोच पुल चांठी की तरफ बनाया गया है। पुल के दोनों किनारों पर 58-58 मीटर ऊंचे चार टॉवर निर्मित हैं।