रामपुर: बाढ़ के कहर से कोसी नदी उफनाई, 19 लोग बहे

रामपुर, अमृत विचार। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण कोसी नदी उफान पर है। बाढ़ के कहर से लोग दहशत में हैं। रामनगर बैराज से मंगलवार की रात 8 बजे 138000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। जिसके कारण कोसी में देर रात को जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। कोसी के आसपास के लोगों को सचेत करने के लिए मस्जिदों, मंदिरों और गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर के अलावा पुलिस के वाहनों से सचेत रहने का ऐलान कराया गया।

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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने ग्राम पसियापुरा, मधुपुरा, मुंशीगंज और दढ़ियाल क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं अलग अलग स्थानों पर बाढ़ में 19 लोगों के बहने की सूचना है। जिसमें से 16 लोगों को स्थानीय नागरिकों और गोताखोरों ने बचा लिया है। तीन लोगों की तलाश जारी है।

कोसी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत है कोसी का पानी स्वार के पास सड़कों को पार कर गया है। बजावाला, खिजरपुर, मिश्रीनगर, नवाबगंज, हकीमगंज, मिलक अब्बू खां, शौकत नगर, रवन्ना, प्रानपुर, मरघटी, सरकड़ी, जालपुर आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा रुस्तमनगर, रतनपुरा, मुरसैना, बहादुर गंज, दिलपुरा, रतनपुरी आदि गांवों की ओर भी पानी ने रुख कर लिया है। गांवों के लोगों को चेताने के लिए मंदिर, मस्जिद,गुरुद्वारों और पुलिस के वाहनों से ऐलान कराया जा रहा है।

बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीण घरों की छतों पर पहुंच गए हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने पसियापुरा, मधुपुरा, मुंशीगंज और दढ़ियाल क्षेत्रों का निरीक्षण करके बाढ़ संभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ साथ ग्राम प्रधानों को भी विशेष सतर्कता बरतते हुए किसी भी प्रकार की बाढ़ के कारण उत्पन्न अपरिहार्य परिस्थिति के दौरान तत्काल जरूरी राहत उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नदी के तटीय क्षेत्रों में किसी भी कृषि अथवा अन्य कार्य से न जाएं ताकि, नदी में पानी के तेज बहाव के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने पाए।

खतरे के निशान से ऊपर बह रहा पानी
कोसी का पानी देर रात को खतरे के निशान को पार कर गया है। खतरे का निशान 17 फिट पर है मंगलवार की शाम करीब 4 बजे 15.8 फुट पानी बह रहा था। लेकिन, कोसी नदी में रामनगर बैराज से रात 8 बजे 138000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने से पानी खतरे के निशान को पार कर गया।

ग्रामीणों ने छतों पर गुजारी रात
कोसी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों ने घरों की छतों पर रात गुजारी। क्योंकि, गांवों में बाढ़ का कहर बढ़ रहा है, कई गांवों में पानी घुसने के कारण और रात में पानी बढ़ने के चलते लोग घरों की छतों पर रहे। दूर तक पानी ही पानी नजर आ रहा है।

रात 8 बजे इतना डिस्चार्ज किया गया पानी

  • रामनगर बैराज-76998 क्यूसेक
  • लालपुर वीयर- 138000

रामनगर बैराज से मंगलवार की रात 8 बजे 76 हजार 998 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि, लालपुर वीयर से 138000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। रामनगर बैराज पर पानी कितना है यह देखने के लिए रामनगर जा रहा हूं। शाम तक 15 फिट 8 इंच पानी बह रहा है खतरे का निशान 17 फिट पर लगा है। शाम को कोसी का पानी खतरे के निशान से 1 फिट चार इंच नीचे बह रहा था। -सियाराम, एक्सईएन नहर खण्ड

सौ साल से अब तक के सभी रिकार्ड टूटे
कोसी नदी के लालपुर डेम पर लगी सूचना के मुताबिक पिछले सौ साल में जितनी भी बाढ़ आई थीं, उन सबके रिकार्ड कोसी नदी की बाढ़ ने तोड़ दिए हैं। 1924, 1951, 1947 और 1954 के बाद 2010 में बाढ़ की विभीषिका थी। उससे कहीं ज्यादा पानी कोसी नदी में इस समय बह रहा है। बताया गया है कि लालपुर डेम पर सिंचाई विभाग ने इन वर्षों में आई बाढ़ की जानकारी को निशान के साथ अंकित कर रखा है। मौजूदा स्थिति में सभी निशान पानी में डूब गए हैं। और पानी इन निशानों के ऊपर निकल गया है।

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