मुरादाबाद: कर चोरी में दो व्यापारियों से वसूला साढ़े 36 लाख रुपये जुर्माना

बिना सामान की बिक्री किए बनवा लिए फर्जी बिल

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मुरादाबाद, अमृत विचार। कर चोरी करके सरकार को चूना लगा रहे दो व्यापारी वाणिज्यकर अधिकारियों की जांच में फंस गए। दोनों आरोपी व्यापारियों से विभाग ने साढ़े 36 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। इसके साथ ही उनकी पोर्टल आईडी भी ब्लाक कर दी है।

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वाणिज्य कर एडिशनल कमिश्नर कमलेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि पोर्टल पर डाटा चेक करने के दौरान अधिकारियों को दिल्ली के सात और मुरादाबाद के दो व्यापारियों द्वारा सिंडिकेट बनाकर फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ लेने और कार चोरी का मामला प्रकाश में आया। इस पर वाणिज्यकर विभाग की टीम ने लाजपत नगर स्थित दोनों फर्मों पर गुरुवार को छापेमारी की। दोनों व्यापारियों द्वारा कॉपर, एल्यूमीनियम और ब्रास स्क्रेप की ट्रेडिंग तथा ब्रास व कॉपर शीट/सर्किल का निर्माण कर बिक्री की जाती है। जांच में पता चला कि दोनों व्यापारियों ने दूसरे प्रदेश के व्यापारियों से बिना माल खरीदे ही बिल ले लिए थे। इतना ही नहीं बिक्री किए गए माल पर देय कर का भुगतान प्रांत से बाहर के व्यापारियों से लिए गए बिलों में दर्ज करके डेढ़ करोड़ रुपये की आईटीसी का दावा किया था।

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एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि दूसरे व्यापारी के यहां करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के माल का स्टॉक मिला। मगर वह इसके कागज नहीं दिखा सका। उन्होंने बताया कि दोनों व्यापारियों ने वर्ष 2021-2022 एवं वर्ष 2022-2023 में प्रथम तिमाही तक करीब पौने दो करोड़ रुपये की आईटीसी की हेराफेरी करते हुए कर की चोरी की। प्राथमिक जांच में दोनों मामलों में 3.25 करोड़ से अधिक की कर चोरी का मामला पकड़ में आया है। कर चोरी के इस मामले में एक व्यापारी से 30.50 लाख और दूसरे से साढ़ छह लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

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