काेरोना मरीजों को तत्काल भर्ती करें अस्पताल, प्रवासियों श्रमिकों न्यूनतम 07 दिन के लिए करें क्वारन्टीन: योगी

काेरोना मरीजों को तत्काल भर्ती करें अस्पताल, प्रवासियों श्रमिकों न्यूनतम 07 दिन के लिए करें क्वारन्टीन: योगी

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिये उत्तर प्रदेश में आक्सीजन और रेमडिसीवर समेत अन्य दवाओं के पर्याप्त भंडार का दावा करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड मरीजों के उपचार में सरकारी और निजी अस्पतालों को कोई कोताही नहीं बरतनी है। कोरोना मरीजों के इलाज का खर्च सरकार नियमानुसार वहन करेगी। …

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिये उत्तर प्रदेश में आक्सीजन और रेमडिसीवर समेत अन्य दवाओं के पर्याप्त भंडार का दावा करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड मरीजों के उपचार में सरकारी और निजी अस्पतालों को कोई कोताही नहीं बरतनी है। कोरोना मरीजों के इलाज का खर्च सरकार नियमानुसार वहन करेगी।

योगी ने रविवार को टीम 11 के साथ कोरोना प्रबंधन की समीक्षा करते हुये कहा कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 35,614 नए कोविड संक्रमित केस आए हैं, जबकि 25,633 लोग उपचारित होकर डिस्चार्ज हुए हैं। योगी ने बैठक में कोविड मरीज के उपचार, ऑक्सीजन, रेमेडेसीवीर इंजेक्शन, लक्षणविहीन प्रवासी श्रमिकों,अंतिम संस्कार के लिए कोई शुल्क न लिया जाए,18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के निःशुल्क टीकाकरण जैसे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निर्देश जारी किए।

  • इस प्रकार प्रदेश में अब तक 7.77 लाख से अधिक लोग अब तक कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। यह सुखद स्थिति ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ के सूत्र को प्रभावी ढंग से अमल में लाने का परिणाम है। उन्होने कहा कि डीआरडीओ के सहयोग से लखनऊ और वाराणसी में स्थापित कराए जा रहा सर्वसुविधायुक्त कोविड हॉस्पिटल अति शीघ्र क्रियाशील हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर डीआरडीओ को सभी आवश्यक संसाधन मुहैया कराए। इन अस्पतालों के संचालन से प्रदेश के चिकित्सा संसाधन और सुदृढ़ होंगे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निजी अथवा सरकारी अस्पताल किसी भी कोविड मरीज के उपचार से इनकार नहीं कर सकता। नियमानुसार सरकार इनके उपचार का खर्च वहन करेगी, लेकिन मरीज को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आए लोगों को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होने कहा कि आईआईटी कानपुर, आआइएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के सहयोग से ऑक्सीजन की ऑडिट कराने की कार्यवाही कराई जाए।
  • इसी प्रकार, लखनऊ के एकेटीयू, गोरखपुर में एमएमएमयूटी, कानपुर में एचबीटीयू और प्रयागराज में एमएनआईटी से संपर्क स्थापित कर ऑक्सीजन ऑडिट कार्य में सहयोग लिया जाए। इन संस्थानों को इनके समीपस्थ अलग-अलग जिले आवंटित कर ऑडिट कराया जाए। ऑक्सीजन मांग-आपूर्ति-वितरण की लाइव ट्रैकिंग कराने की व्यवस्था लागू हो गई है। इसे प्रभावी बनाया जाए।
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि राज्य में जीवनरक्षक रेमेडेसीवीर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। हर दिन लगभग 18,000 से 20,000 वॉयल प्रदेश को प्राप्त हो रही है। उत्तर प्रदेश की जरूरत को देखते हुए केन्द्र ने प्रदेश के लिए रेमेडेसीवीर इंजेक्शन का आवंटन बढ़ा कर 160,000 कर दिया है। इसके अलावा विभिन्न निर्माता कम्पनियों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए इस जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होने कहा कि सरकार के किसी भी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में रेमेडेसीवीर इंजेक्शन की कमी नहीं है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को यह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
  • यदि किसी निजी अस्पताल में रेमेडेसीवीर की आवश्यकता है तो उसे केन्द्र सरकार द्वारा अनुमन्य दरों पर मुहैया कराई जाएगी। रेमेडेसीवीर की मांग-आपूर्ति-वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जाए। इस दवा के वितरण व्यवस्था को पारदर्शी ढंग से हो। योगी ने कहा कि टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को अमल में लाते हुए उत्तर प्रदेश प्रथम राज्य हैं, जिसने 03 करोड़ 97 लाख कोविड टेस्ट किया है। यह हमारी सतर्कता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सभी प्रयोगशालाओं की क्षमता को दोगुनी किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में वित्तीय व्यवस्था की जा चुकी है। टेस्ट क्षमता को दोगुनी करने की कार्यवाही प्राथमिकता के साथ किया जाए।
  • उन्होने कहा “ हमें यह ध्यान रखना होगा कि इस बार की कोविड लहर पिछली लहर की तुलना में 30 गुनी अधिक संक्रामक है। अतः विशेष सतर्कता जरूरी है। पंचायत चुनावों के दृष्टिगत कोविड प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू कराया जाए। अनावश्यक भीड़ न हो। पंचायत पोलिंग पार्टियों को मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर के साथ-साथ मेडिकल किट भी मुहैया कराया जाए।”  योगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से प्रदेश आ रहे प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए परिवहन तथा गृह विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें।
  • यह सुनिश्चित किया जाए कि लक्षणविहीन प्रवासी श्रमिकों को न्यूनतम 07 दिन के लिए क्वारन्टीन किया जाए। अस्वस्थ होने की दशा में अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। परिवहन निगम की बसों को व्यापक स्तर पर सैनिटाइज कराया जाए। प्रदेशव्यापी स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य सतत जारी रहे। उन्होने कहा कि कुछ लोग भय और दहशत का माहौल बनाने में लगे हैं। सोशल मीडिया पर एक जैसे संदेश अलग-अलग एकाउंट से प्रसारित किए जा रहे हैं।
  • ऐसे लोगों को चिन्हित कर इनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। राज्य निर्वाचन आयोग से अनुरोध करते हुए यह सुनिश्चित कराएं कि पंचायत चुनाव प्रचार में में एक साथ कहीं भी तीन से अधिक लोग एकत्रित न हों। दावत, सभाओं आदि पर पूरा प्रतिबंध लगाया जाए। वैश्विक महामारी कोरोना से होने वाली मौतों पर दुख व्यक्त करते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीज के अंतिम संस्कार का कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।
  • योगी ने कहा कि कोविड संक्रमण से होने वाली हर एक मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार सभी मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करती है। प्रत्येक जिले में (नगरीय एवं ग्रामीण) कोविड संक्रमित किसी मरीज के अंतिम संस्कार के लिए कोई शुल्क न लिया जाए। उन्होने कहा कि अंतिम संस्कार की क्रिया मृतक की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप ही कराई जाए। प्रशासन सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अमल में लाई जाए।
  • योगी ने कहा कि18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के निःशुल्क टीकाकरण का निर्णय लेने वाला पहला राज्य उत्तर प्रदेश है। एक मई से प्रारंभ हो रहे इस वृहद टीकाकरण अभियान के संबंध में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होने कहा कि 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जाएगी।  हाल ही में जायडस कैडिला कम्पनी की एक नई दवा को केन्द्र सरकार के ड्रग कंट्रोलर ने कोविड मरीजों के उपयोगार्थ स्वीकृति दी है। इसे लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जिलों के लिए उपलब्ध कराया जाए।
  • जरूरतममंद प्रदेशवासी को मास्क, ग्लव्स व सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। कोविड की पिछली लहर में महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया था। इस बार भी इनका सहयोग प्राप्त करें। यह स्वयं सहायता समूहों के स्वावलम्बन की दृष्टि से भी उपयोगी होगा, और पर्याप्त मास्क की उपलब्धता भी होगी। मास्क न लगाने वालों जिन लोगों का चालान किया जाए, उन्हें मास्क भी जरूर दें। इसके अलावा गरीब असहाय परिवारों को निःशुल्क मास्क उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ कर दिया जाए।
  • योगी ने कहा कि बीते तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में साढ़े 14 हजार से अधिक बेड बढ़ाये गए हैं। इससे कोविड मरीजों के इलाज में और सुविधा प्राप्त हुई है। इसे और विस्तार किए जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग इस दिशा में नवीन विकल्पों को तलाशें और बेड में बढ़ोतरी सुनिश्चित कराएं। प्रदेश में एक भी मरीज को बेड का अभाव नहीं होगा। सभी जिलों में इस संबंध में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अगर सरकारी अस्पताल में बेड रिक्त नहीं हैं तो निजी चिकित्सालय में इलाज की सुविधा मिले। सरकार नियमानुसार उसका भुगतान करेगी।
  • हर दिन की स्थिति के अनुरूप अतिरिक्त व्यवस्था भी कराई जाए। बेड के अभाव में इलाज से वंचित एक भी मरीज की पीड़ा असह्य है। ऐसी घटनाओं पर संबंधित जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होने कहा कि टेस्ट हो या ट्रीटमेंट, राज्य सरकार ने सभी के लिए शुल्क की दरें तय कर दी हैं। समस्त जिला प्रशासन निर्धारित दरों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। किसी भी अस्पताल से यदि अधिक शुल्क लेने की शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध महामारी एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होनी तय है।  बेड का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। सभी जिला प्रशासन इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं।