बरेली: सिलिंडर पर लिखे अक्षरों से एक्सपायरी का पता लगाएं

अमृत विचार, बरेली। लगभग हर घर में लोग गैस सिलिंडर का इस्तेमाल तो करते हैं। अधिकांश लोगों को गैस सिलिंडर की एक्सपायरी, गैस की बचत और हादसे से बचाव के बारे में पता नहीं होता है जबकि सभी सिलिंडरों पर बड़े-बड़े अक्षरों में एक्सपायरी डेट लिखी होती है। इसका आसानी से पता लगाया जा सकता …
अमृत विचार, बरेली। लगभग हर घर में लोग गैस सिलिंडर का इस्तेमाल तो करते हैं। अधिकांश लोगों को गैस सिलिंडर की एक्सपायरी, गैस की बचत और हादसे से बचाव के बारे में पता नहीं होता है जबकि सभी सिलिंडरों पर बड़े-बड़े अक्षरों में एक्सपायरी डेट लिखी होती है। इसका आसानी से पता लगाया जा सकता है।
रेग्युलेटर के पास ए,बी,सी, डी अक्षर के आगे एक्सपायरी का वर्ष लिखा होता है। ए का मतलब जनवरी से मार्च, बी का मतलब अप्रैल से जून, सी का मतलब जुलाई से सितंबर और डी का मतलब अक्टूबर से दिसंबर होता है। यह जानकारी बरेली कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग में एनएसएस द्वितीय ईकाई के विशेष शिविर में असिस्टेंट प्रो. गजेंद्र पाल सिंह ने दी।
शिविर में उन्होंने बताया कि अगर कोई हादसा हो जाता है तो हम गैस कंपनी पर क्लेम भी करना चाहिए। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडर से चूल्हा हमेशा ऊपर रखना चाहिए। कई लोग चूल्हे को जमीन पर रखते हैं, यह गलत है। इससे गैस का रिसाव सही से नहीं होता है। गैस चूल्हे को ऐसी जगह न रखें जहां तेज हवा चल रही हो।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. यशार्थ गौतम ने बताया कि ग्राहकों को कई सावधानियां बरतनी चाहिए। अक्सर देखने को मिलता है कि हम जागरूकता के अभाव में या लापरवाही के चलते हादसे का शिकार हो जाते हैं। गैस एक अदृश्य पदार्थ है और कब हम इससे होने वाले नुकसान की चपेट में आ जाएं हमें पता भी नहीं लगता। कुछ ही देर में हम बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्वयंसेवकों में अजमल अंसारी, इमरान, आशीष, गोपाल आदि उपस्थित रहे।