मुरादाबाद : 'आरक्षण के अधिकार पर दखल बर्दाश्त नहीं', भारत बंद के समर्थन में संगठनों ने दिखाई ताकत, खुली रहीं दुकानें
आंबेडकर पार्क में बहुजन समन्वय समिति, बसपा, भीम आर्मी, सपा सहित अन्य संगठनों ने भरी हुंकार, जय भीम, बाबा साहेब का नारा बुलंद कर घंटों की सभा...जगह जगह बैरिकेडिंग के बाद भी हर ओर दिखा नीला झंडा

मुरादाबाद। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एससी/एसटी आरक्षण के वर्गीकरण और क्रीमी लेयर के संबंध में दिए गए निर्णय के विरोध में भारत बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए बहुजन समन्वय समिति (समस्त शोषित हकवंचित समाज के सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं क्रांतिकारी युवाओं की संयुक्त समिति) के बैनर तले आंबेडकर पार्क में हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने आवाज बुलंद की।
बहुजन समाज पार्टी, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी कांशीराम, सपा सहित अन्य आरक्षण समर्थक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी हुंकार भरी। कहा कि संविधान में दिए आरक्षण के अधिकार पर दखल कतई बर्दाश्त नहीं है। जय भीम, बाबा साहेब का नारा बुलंद कर घंटों सभा कर अपनी ताकत दिखाई। हालांकि बाजार में दुकानें हर दिन की तरह खुलीं रहीं।
जगह जगह बैरिकेडिंग के बाद भी हर ओर नीला झंडा दिखा। बहुजन समन्वय समिति (समस्त शोषित हकवंचित समाज के सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं क्रांतिकारी युवाओं की संयुक्त समिति) के मुख्य संयोजक चंदन सिंह रैदास के नेतृत्व में आरक्षण में दखल देने के विरोध में दलों, संगठनों के कार्यकर्ता नीला झंडा लेकर जय भीम, डॉ. भीमराव आंबेडकर का जयघोष करते हुए संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ की हुंकार भरते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि हमारी मुख्य मांग है कि 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण के विरुद्ध दिया गया फैसला भारत सरकार कानून बनाकर रद करे और आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डाले। अन्यथा इसी तरह पूरे वर्ष आंदोलन चलता रहेगा। अगले वर्ष 21 अगस्त 2025 को भारत बंद नहीं जाम होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ महावीर प्रसाद मौर्य ने कहा कि वंचित समाज को आरक्षण किसी की कृपा पर नहीं मिला है। यह संविधान में प्रदत्त है। भीम आर्मी के जिला संयोजक अरविंद कुमार के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने आरक्षण बचाने के लिए आवाज उठाई।
वहीं प्रशासन और पुलिस के भारी सुरक्षा इंतजाम और सिविल लाइंस आने वाले हर रास्ते पर बैरिकेडिंग के बावजूद हाथों में नीला झंडा लिए लोगों ने हजारों की संख्या में पहुंच कर अपनी एकजुटता और ताकत दिखाई। बाबा साहेब के द्वारा संविधान में किए आरक्षण को अपना अधिकार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का विरोध किया। बाबा साहब के संविधान की रक्षा की हुंकार भरी। कहा कि आरक्षण किसी की कृपा से नहीं मिला है यह संविधान में दिया गया अधिकार है, इसको छीनने या खत्म करने की हर कोशिश का हर स्तर पर विरोध करेंगे। संगठनों की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया।
भारत बंद के कार्यक्रम में आंबेडकर पार्क सिविल लाइन में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व सांसद गिरीश चंद्र, डॉ. रणविजय सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील आजाद एडवोकेट, निर्मल सिंह सागर, सतपाल कश्यप, रामकुमार, गुलाब, राजीव कुमार, गजेंद्र सिंह, अमर सिंह, सुरेंद्र फौजी, भानु प्रताप सिंह उर्फ भानु अखिल चौधरी, इरशाद सैफी एडवोकेट आदि ने आवाज बुलंद की। कहा कि बाबा साहेब के द्वारा संविधान में दिए गए आरक्षण के प्रावधान से किसी प्रकार की छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया।
इस दौरान पार्टी के चंद्रपाल सैनी, दिनेश पासी, राजेश सागर, अरुण कुमार, भूप सिंह, मानसिंह, राधेश्याम पाल, हाजी एहसान कुरैशी, अरुण कुमार, मनजीत सिंह, बलविंदर सिंह, अंकित कुमार दीपू, इरफान, जावेद अहमद, चमन सिंह, विपिन सागर, अनूप सिंह, शिवशंकर एडवोकेट, समर पालसिंह, पिंटू भारती, राजकुमार, अनूप सिंह सागर, वेदप्रकाश, राम अवतार, जगन्नाथ सागर, सुनील प्रधान, भूपेंद्र सिंह, आबिद हुसैन एडवोकेट, एडवोकेट सारिक हुसैन, सलीम एडवोकेट, नसरुद्दीन एडवोकेट, डॉ. नूर हसन, कमल सिंह, राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नीला झंडा लिए शामिल हुए। हालांकि बंद का बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। टाउनहाल, हरथला, गुरहट्टी, कांठ रोड पर अधिकांश दुकानें रोज की तरह खुली रहीं।
भीम आर्मी के जिला संयोजक अरविंद कुमार की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के द्वारा संविधान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। आरक्षण की व्यवस्था 15 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 7.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और 27 प्रतिशत अन्य पिछड़े वर्गों के लिए की गई है। इसके अनुरूप ही इन वर्गों के लोगों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन आज तक किसी भी सरकारी विभाग में पूर्ण रूप से इसका पालन नहीं किया गया है। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि अनुसूचित जाति को छांटें और वर्गीकरण भी करें। राष्ट्रपति से मांग किया कि इस आदेश से अनुसूचित जाति, जनजातियों को काफी नुकसान होगा। जातिगत आधार पर लोगों में बंटवारा होने से समाज में विद्वेष बढ़ेगा। फिर भी आरक्षण का लाभ पूर्ण रूप से इन जातियों को नहीं मिलेगा।
आंदोलन में आरक्षण के पक्ष में आवाज उठाने के बाद आजाद समाज पार्टी कांशीराम के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार की ओर से भी राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा गया। इसके माध्यम से मांग किया कि जातिगत जनगणना कराई जाए। अनुसूचित जाति व जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण कोटा सभी विभागों में पूरा किया जाए। गैर सरकारी संस्थानों में भी आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए। जब तक अनुसूचित जाति, जनजाति व ओबीसी का आरक्षण कोटा सभी विभागों में पूरा नहीं होता तब तक आरक्षण के प्रावधान को संविधान की 9वीं सूची में डाल दिया जाए, जिससे आरक्षण के प्रावधानों में किसी प्रकार का छेड़छाड़ न हो सके। इस दौरान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराधा, जिला प्रभारी संजीव भारती, कांठ विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप सिंह, वीरेंद्र सिंह, विजय पुष्कर, जंग सिंह आजाद मंडल प्रचारक भीम आर्मी सहित बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता आदि मौजूद रहे।
बहुजन समन्वय समिति ने यह की मांग
- राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में समिति के मुख्य संयोजक व अन्य पदाधिकारियों की ओर से मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक अगस्त को दिए गए निर्णय में पंजाब राज्य बनाम देविन्दर सिंह आदि व 22 अन्य अपील में एससी-एसटी के आरक्षण में वर्गीकरण कोटा में कोटा एवं क्रीमी लेयर को लेकर असंवैधानिक निर्णय दिया गया है। वह संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
- मांग किया कि भारत सरकार को निर्देश करें कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए निर्णय को संसद में कानून बनाकर रद करें और आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
- भारत सरकार शीघ्र पूरे भारत में जातिगत जनगणना शुरू कराए जिससे देश में किस जाति की कितनी संख्या है का पता चल सके और उसका अधिकार मिल सके
- भारत सरकार आरक्षण अधिनियम बनाए जिससे आरक्षण के विरूद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के रिक्त पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर शीघ्र आरक्षण कोटा पूरा किया जाए।
बहुजन समन्वय समिति के ज्ञापन पर इनका है हस्ताक्षर
मुख्य संयोजक चंदन सिंह रैदास,राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ महावीर प्रसाद मौर्य, जयवीर सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष, वेदप्रकाश बसपा, सुनील आजाद बसपा जिलाध्यक्ष, शिवशंकर एडवोकेट, शिवदत्त भारती, जवाहर सिंह, आरएस भारती, ओपी सागर, मुन्नी लाल आदि शामिल हैं।
शक्ति प्रदर्शन का केंद्र रहा आंबेडकर पार्क
भारत बंद के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन का केंद्र सिविल लाइंस स्थित आंबेडकर पार्क बना रहा। यहां बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी कांशीराम, भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी व अन्य आरक्षण समर्थक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आंबेडकर पार्क पर अपर जिलाधिकारी नगर, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइंस और पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी जुटे रहे।
जगह-जगह बैरिकेड लगाकर रोका वाहन
कांठ रोड पर तहसील तिराहे पर से बैरिकेडिंग कर पुलिस ने कार, आटो, ई रिक्शा और अन्य बड़े वाहनों को रोका गया। सिविल लाइंस के चारों ओर बैरिकेडिंग कर पुलिस कानून व्यवस्था बनाने में पसीना बहाती रही लेकिन हुजूम में चलकर नीला झंडा और बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर का चित्र लेकर आने वालों का तांता लगा रहा।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : भारत बंद को लेकर पुलिस अलर्ट, सभी चौराहों पर बैरिकेडिंग