बदायूं: पढ़ाई करने में छात्रों के लिए ई-लाइब्रेरी बनेगी सहायक, एप पर एक क्लिक करते ही मिलेंगी कई सुविधाएं

बदायूं: पढ़ाई करने में छात्रों के लिए ई-लाइब्रेरी बनेगी सहायक, एप पर एक क्लिक करते ही मिलेंगी कई सुविधाएं

बदायूं, अमृत विचार। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए शासन प्रयासरत है। तथा उनकी सुगमता के लिए नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य के लिए पुस्तकों की खरीदारी करने व उन्हें सुरक्षित रखने की परेशानी से निजात मिलेगी। मोबाइल एप पर पाठ्यक्रम के साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी पुस्तकें एक क्लिक पर उनके सामने होंगी। वह मोबाइल पर अपनी आवश्यकता के अनुसार पुस्तकों की ई-लाइब्रेरी बना सकेंगे। 

ऑनलाइन पुस्तकें उपलब्ध होने पर धन की कमी से शिक्षण व प्रतियोगिता की तैयारियों में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही शिक्षण कार्य करने में उनके सामने कोई बाधा नहीं रहेंगी। जिले में  राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन सहित 299 माध्यमिक स्कूल कॉलेज संचालित हैं।

माध्यमिक कॉलेजों में पंजीकृत विद्यार्थियों को ऑफलाइन  के साथ लाइब्रेरी पोर्टल के जरिए शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा मिलेगी। पोर्टल पर पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षा तैयारी से जुड़ी व अन्य सामान्य ज्ञान व ज्ञानवर्धक किताबों का संग्रह होगा। विद्यार्थी अपने मोबाइल पर एप की मदद से ई-लाइब्रेरी में अपना अकाउंट बना सकेंगे। 

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि विद्यार्थियों को इस अकाउंट पर पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों के संग्रह को लोड कर अपना पुस्तकालय तैयार करने की सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों और जनसामान्य की आसानी के लिए ई-लाइब्रेरी पोर्टल प्रज्ञान लांच किया गया है।

पोर्टल पर ई-पुस्तकों का विशाल संग्रह, प्रतियोगी परीक्षाओं, उद्यमिता और स्टार्टअप, वीडियो लर्निंग सामग्री, केंद्रीय एवं जनपदीय सार्वजनिक पुस्तकालय का लाभ दिया जाएगा। ई-ग्रंथालय पर उपलब्ध भौतिक पुस्तकों का भी संग्रह तैयार किया गया है। छात्र अपने एंड्रॉयड फोन में एप डाउनलोड कर सकेंगे। 

बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से भी विद्यालयों को लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। खास बात यह है कि ई-लाइब्रेरी पोर्टल प्रज्ञान पर छात्रों के अलावा जन सामान्य को भी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह मिल सकेगा। स्कूलों में पोर्टल के संबंध में छात्रों को अवगत कराया जाएगा। आम जन भी अपनी रुचि के किताबें प्राप्त कर शैक्षिक कार्य के साथ अपने ज्ञान को बढ़ा सकेंगे। ई-लाइब्रेरी से विद्यार्थियों का धन और समय दोनों ही बचेगा। उन्हें पढ़ाई करने में सहूलियत भी मिलेगी। 

शासन की ओर से एक एप लांच किया है। जिस पर विद्यार्थी ई-लाइब्रेरी बना सकेंगे। यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। कई बार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए स्थानीय स्तर पर किताबें नहीं मिलने से परेशानी होती थी। विद्यार्थी स्मार्ट फोन पर एप की मदद से अपनी आवश्यकतानुसार पुस्तक का संग्रह ई-लाइब्रेरी से कर सकेंगे। -डॉ प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक

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