इनसे सीखें- रामनगर के शिक्षक नंदन सिंह फर्त्याल ने लिया अंगदान का संकल्प

इनसे सीखें- रामनगर के शिक्षक नंदन सिंह फर्त्याल ने लिया अंगदान का संकल्प

रामनगर, अमृत विचार। एमपी इंटर पूर्व कॉलेज के पूर्व शिक्षक व  पूर्व सैनिक रहे नंदन सिंह फर्त्याल ने अपनी मृत्यु के उपरांत अंगदान करने का संकल्प दोहराते हुए मानवता की मिसाल कायम की है। उन्होंने मरणोपरांत अंगदान करने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने लोगों को भी आगे आने की अपील की है, जिससे किसी दूसरे को जिंदगी मिल सके। 

पूर्व शिक्षक एनएस फर्त्याल ने मरणोपरांत अपना अंगदान करने की घोषणा की है। 85 वर्ष की आयु में भी पूर्व सैनिक का जज्बा देखने लायक है। रामनगर के रहने वाले एनएस फर्त्याल अभी अपने पुत्र के साथ शहर में कोचिंग सेंटर भी संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे मन में कई वर्षों से अंगदान को लेकर बात आ रही थी।

एनएस फर्त्याल ने कहा कि मेरा जीवन किसी के काम आ जाए, इससे बड़ी क्या बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब वो सुनते थे कि कोई किडनी, लीवर की वजह से मर गया। कई लोग आंखों से दिव्यांग होते हैं, जिन्हें आंखें दान कर नई जिंदगी दी जा सकती है। इसलिए मैंने अंगदान करने की सोची। 

एनएस फर्त्याल कहते हैं कि अंगदान को महादान बताया जाता है। देश में लाखों लोग किसी न किसी हादसे में शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों को खो देते हैं, लेकिन अगर हर कोई मरणोपरांत अपना अंग दान करे तो किसी न किसी की जिंदगी बचा सकते हैं। 

बता दें कि पूर्व सैनिक व शिक्षक एनएस फर्त्याल अब दुनिया से जाने के बाद भी लोगों के काम आना चाहते हैं। शिक्षक नंदन सिंह फर्त्याल के इस जज्बे की हर जगह सराहना की जा रही है।

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