बरेली: मां के नाम पर फर्म बनाकर हो रहा टेंडरों में खेल
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर का मामला, कई वर्षों से एक ही पटल पर है तैनात, हाल ही सड़कों के पैचवर्क का मिला था ठेका

बरेली, अमृत विचार। लोक निर्माण विभाग में इंजीनियर और ठेकेदार का गठजोड़ किसी से छिपा नहीं है। अब विभागीय कर्मचारी भी टेंडरों का खेल करने में जुट गए हैं। कई वर्षों से तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने तो अपनी मां के नाम से ही फर्म बना डाली। इसके बाद टेंडरों से जुड़ी आवश्यक और गोपनीय जानकारी जुटाकर आसानी से लाखों के बारे न्यारे कर रहा है। उसकी शिकायतों को भी जिम्मेदार नजर अंदाज करने में जुटे हैं।
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इससे पूर्व टेंडरों के खेल में तत्कालीन मुख्य अभियंता पर भी कार्रवाई हो चुकी है। मामला पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर का है। जिसकी पूर्व में कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन राजनीतिक रसूख की वजह से उसको हटाया नहीं जा सका। अफसरों के मुताबिक आपरेटर आउट सोर्सिंग पर लगा है।
विभाग के गोपनीय टेंडर से लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का जिम्मा उसके पटल पर ही है। नवाबगंज, मीरगंज समेत कई स्थानों पर पूर्व में उसकी मां की फर्म को ठेका दिया गया। इतना ही नहीं बीते दिनों शहर की कई प्रमुख मार्गों के पैचवर्क का ठेका भी इसी फर्म पर हुआ। मां की फर्म पर कंप्यूटर आपरेटर द्वारा ठेकेदारी करने का पता चलने पर जन सूचना अधिकार के तहत इससे जुड़ी जानकारी विभागीय अफसरों से मांगे जाने की बात भी सामने आई है।
मानकों के विपरीत कर दिए थे टेंडर: वर्ष 2021-22 में कंप्यूटर आपरेटर की मां के नाम पर पंजीकृत फर्म की बिड कैपेसिटी कम थी। सिक्योरिटी एफडीआर भी टेंडरों के अनुसार नहीं लगी बावजूद नवाबगंज, भोजीपुरा और बहेड़ी में इसी फर्म के नाम कई टेंडर कर दिए गए। ठेकेदारों ने इसकी शिकायत भी लेकिन जांच के बात कहकर अफसर दबा गए।
आनलाइन व्यवस्था के चलते टेंडर में खेल का सवाल ही नहीं उठता। कंप्यूटर आपरेटर की मां के नाम से फर्म होने की जानकारी है लेकिन वह ठेकेदारी करता है। इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। नारायण सिंह, एक्सईएन, प्रांतीय खंड
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