मथुरा: दुर्घटना के साथ दंगे का कारण बन रहा निरााश्रित गौवंश- सीएम योगी

मथुरा: दुर्घटना के साथ दंगे का कारण बन रहा निरााश्रित गौवंश- सीएम योगी

मथुरा, अमृत विचार। हमें अपने अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ानी है, तो दुग्ध उत्पादन के साथ साथ दुग्ध से बने उत्पादों को बढ़ाना होगा। देश का दीनदयाल उपाध्याय वेटेनरी विश्वविद्यालय बहुत अच्छा कार्य कर रही है। हम सहभागिता योजना के अंतर्गत गौवंश के लिए हर परिवार को 900 रुपये दे रहे हैं। लेकिन गौवंश संरक्षण …

मथुरा, अमृत विचार। हमें अपने अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ानी है, तो दुग्ध उत्पादन के साथ साथ दुग्ध से बने उत्पादों को बढ़ाना होगा। देश का दीनदयाल उपाध्याय वेटेनरी विश्वविद्यालय बहुत अच्छा कार्य कर रही है। हम सहभागिता योजना के अंतर्गत गौवंश के लिए हर परिवार को 900 रुपये दे रहे हैं। लेकिन गौवंश संरक्षण को जनांदोलन बनाना होगा।

यह भी पढ़ें- मथुरा: ट्रेन से कटकर दर्जनभर गौवंशों की मौत, पुलिस ने जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाया

भारतीय नस्ल का गोवंश सुरक्षित रहे। इसका संरक्षण करने के लिए वेटेनरी विश्वविद्यालय के प्रयासों में सहभागी बनना होगा। डेयरी उद्योग को बढ़ाने के लिए महिला समूहों को शामिल करना होगा, जिनको प्रशिक्षण देकर डेयरी के विभिन्न कार्यों में शामिल करते हुए किसान एवं समूहों की आय बढ़ेगी।

यह बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गांव आझई में इस्कान द्वारा निर्मित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र के माध्यम से दुग्ध से बने विभिन्न पदार्थों का वैल्यू एडिशन होगा तथा पदार्थों की गुणवत्ता बरकरार रखते हुए उत्पाद का इजाफा सीधा किसानों तक पहुंचेगा।

दुग्ध उत्पादनों पर जोर देना होगा तथा दुग्ध समितियों का गठन करना होगा। उन समितियों को इस्कॉन से जोड़ते हुए किसानों की आमदनी बढ़ानी होगी। यदि किसान की आय बढ़ानी है, तो तहसील स्तरों पर भी दुग्ध समितियों का गठन करना होगा, जो किसानों को सीधा लाभ दिलाने के लिए दुग्ध का प्रयोग दही, घी, मक्खन आदि बनाने में कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह धरती तो वैसे ही भगवान की है। भारत से गए सन्यासियों ने वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बनाई। इस्कॉन जैसी संस्थाओं ने विदेश में जो भारत की छवि बनाई, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि गौ के उत्थान के लिए प्रशिक्षण केन्द्र बना है, जिससे गौसंरक्षण में मदद मिलेगी। भारतीय नस्ल के गौवंश के संरक्षण को जनांदोलन बनाना होगा।

बदायूं में भारतीय नस्ल के गोबर/गोमूत्र से पेंट का निर्माण हो रहा है। भारत के अंदर गोवंश के गोबर को शुद्ध माना जाता है। गोबर से पेंट बनेगा तो उससे शुद्धता आएगी। प्राकृतिक कृषि बोर्ड के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाय निराश्रित होकर सड़कों पर घूमती है। इसके कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त होते हैं साथ ही गाय दंगे का कारण भी बनती है।

केंद्र और प्रदेश ने गौवंश के उत्थान के लिए तमाम योजनाएं चलाई है। उत्तर प्रदेश में नौ लाख से भी अधिक गौवंश प्रदेश की गौशालाओं में है। सहभागिता योजना के माध्यम से एक लाख गौवंश किसान परिवारों को दे रखा है। इन परिवारों को गौवंश के लिए नौ सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।

कुपोषित परिवारों को भी दूध देने वाली एक-एक गाय दे रखी है और उन्हें भी नौ सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रज में होने वाले अच्छे कार्यों में विघ्न आते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में बनी गौशाला में गौवंश की पूजा की।

उद्घाटन कार्यक्रम में जाने से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि में विधि विधान से पूजा अर्चना की। साथ ही वेटरिनरी कॉलेज के सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इसके बाद कृष्ण डेयरी एवं इनोवेशन सेन्टर (दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र) का उदघाटन किया गया।

इस दौरान गन्ना विकास एवं चीनी मील मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, सांसद हेमा मालिनी, विधायक पूरन प्रकाश, राजेश चौधरी, मेघश्याम ठाकुर, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, उप्र ब्रजतीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्र, रविकान्त गर्ग, मण्डलायुक्त अमित गुप्ता, एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी नचिकेता झा, जिलाधिकारी पुलकित खरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, नगर आयुक्त अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, सीईओ ब्रजतीर्थ विकास परिषद नगेन्द्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

योगी की गाड़ी ने फुलाए अधिकारियों के हाथ पैर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गाड़ी के पहिए कार्यक्रम स्थल पर मिट्टी में धंस गए। यह देख अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन में गाड़ी के पहियों को साफ करके मिट्टी को हटाना शुरू किया गया। हालांकि जब गाड़ी के पहिए मिट्टी में धंसे मुख्यमंत्री गाड़ी में नहीं थे। काफी मशक्कत के बाद भी जब गाड़ी के पहियों से मिट्टी नहीं हट सकी तो मुख्यमंत्री को दूसरी गाड़ी में बिठाकर रवाना किया गया।

यह भी पढ़ें- मथुरा: दो खिलाड़ियों सहित तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत