बरेली: शिक्षकों का संकट… जनप्रतिनिधियों की सिफारिश कॉलेज संचालन में बन रही बाधा

बरेली, अमृत विचार। जनपद में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद एक दूसरे स्कूल से शिक्षकों की व्यवस्था कर शिक्षण कार्य को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सके इसके लिए अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी अपने स्तर पर प्रयासरत हैं। स्थानीय स्तर पर शिक्षक अभाव …
बरेली, अमृत विचार। जनपद में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद एक दूसरे स्कूल से शिक्षकों की व्यवस्था कर शिक्षण कार्य को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सके इसके लिए अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी अपने स्तर पर प्रयासरत हैं। स्थानीय स्तर पर शिक्षक अभाव ग्रस्त स्कूलों के संचालन में जनप्रतिनिधियों की सिफारिश व हस्तक्षेप के कारण आंवला के अतछेड़ी क्षेत्र स्थित राजकीय अभिनव इंटर कॉलेज का संचालन कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है।
सीबीएसई की मान्यता पर कक्षा 6 से 12 वीं तक चलने वाले एक मात्र इस स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर यहां के जनप्रतिनिधि आए दिन जनपद व शासन स्तर पर शिकायतें करते रहते हैं। इस बार जनप्रतिनिधियों की मांग पर कॉलेज में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए जीआईसी से सर्वेश कुमार चौहान व अगरास के राजकीय इंटर कॉलेज से भानू प्रताप सिंह को वहां तैनात किया गया था।
आदेश के करीब 20 दिन बाद भी शिक्षकों ने अभी तक स्कूल में पहुंच कर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पहले जो जनप्रतिनिधि शिकायत कर शिक्षण व्यवस्था दुरूस्त कराने की मांग कर रहे थे, वहीं जनप्रतिनिधि अधिकारियों पर दबाव बनाकर शिक्षकों की तैनाती करने पर ऐतराज जता रहे हैं। इस मामले में शासन की मंशा है कि अभिनव कॉलेज व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके, लेकिन शासन की मंशा पर सरकार के जनप्रतिनिधि ही पानी फेरने पर लगे हुए हैं।
छात्र नहीं कराते स्कूल में प्रवेश
अभिनव विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में छात्रों की संख्या में भी कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही। जबकि इस कॉलेज का संचालन 2016 में शुरू हो गया था। जनप्रतिनिधियों के बार- बार सिफारिश व हस्तक्षेप के कारण स्कूल की व्यवस्थाएं चरमरा गई है। फलस्वरूप स्कूल में करीब 150 छात्र ही इस बार पंजीकृत हैं। वर्तमान में यहां कुल चार शिक्षक तैनात हैं, इनमें दो प्रवक्ता व दो सहायक अध्यापक हैं। इसके अलावा यहां एक परिचारक की तैनाती है।
कॉलेज में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था के लिए दो शिक्षकों को करीब 20 दिन पूर्व कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन अभी तक शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया है। इस कारण शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों व शासन को अवगत कराया जाएगा—सोमारू प्रधान, डीआईओएस।
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