अद्भुत प्रकृति : मिलि सेकेंड्स के लिए दिखने वाले रहस्यमयी जेट की सामने आईं तस्वीरें

अद्भुत प्रकृति : मिलि सेकेंड्स के लिए दिखने वाले रहस्यमयी जेट की सामने आईं तस्वीरें

अटलांटा। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक तूफान के दौरान बादलों से अंतरिक्ष की तरफ जाती हुई बिजली के रहस्यमयी जेट को देखा। इसकी तस्वीर भी मिल गई है। हैरानी की बात ये है कि इस प्रक्रिया के बारे में वैज्ञानिकों को बहुत ज्यादा पता भी नहीं है। वो अभी इस पर स्टडी कर ही …

अटलांटा। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक तूफान के दौरान बादलों से अंतरिक्ष की तरफ जाती हुई बिजली के रहस्यमयी जेट को देखा। इसकी तस्वीर भी मिल गई है। हैरानी की बात ये है कि इस प्रक्रिया के बारे में वैज्ञानिकों को बहुत ज्यादा पता भी नहीं है। वो अभी इस पर स्टडी कर ही रहे हैं। ऐसे ही एक और बड़े रहस्यमयी जेट को पिछली बार 2018 में ओकलाहोमा के ऊपर देखा गया था।

जॉर्जिया टेक रिसर्च इंस्टीट्यूट के फिजिसिस्ट और इंजीनियर लेवी बॉग्स ने कहा कि हमने बड़ी मुश्किलों से बादलों से ऊपर जाती हुई इस रहस्यमयी रोशनी का थ्रीडी नक्शा बनाया और फोटो लिया । लेवी बॉग्स ने बताया कि इसके लिए सैटेलाइट्स और राडार के डेटा का उपयोग कर उनका एनालिसिस किया गया। यह तस्वीर 14 मई 2018 कोली गई थी । इसके लिए वैटेक कैमरा का उपयोग किया गया था। इस कैमरे की खासियत है कि यह कैमरा अंधेरे में भी तस्वीर ले सकता है।

लेवी बॉग्स ने रहस्यमयी जेट से के बारे में बताते हुए कहा कि यह रोशनी जमीन से करीब 8 किलोमीटर ऊपर मौजूद तूफानी बादलों से निकली थी। इस रोशनी की ऊंचाई करीब 80 किलोमीटर थी। यह अंतरिक्ष के दरवाजे यानी कारमान लाइन तक पहुंच गई थी । यहीं पर धरती का वायुमंडल खत्म होता है और अंतिरक्ष शुरू हो जाता है। स्प्राइट कहा जाता है। कुछ समय पहले वैज्ञानिकों ने आसमान में लाल रंग की बिजली कड़कते वैज्ञानिकों ने देखा था। कुछ समय पहले वैज्ञानिकों ने आसमान में लाल रंग की बिजली कड़कते वैज्ञानिकों ने देखा था। इस रोशनी ने 300 कोलम्ब्स इलेक्ट्रिक चार्ज जनरेट किया था। जबकि साधारण बिजली 5 कोलम्ब्स तक चार्ज पैदा करती है। इसका तापमान 4700 डिग्री सेल्सियस था।

मिलि सेकेंड्स के लिए ही दिखते हैं
साइंस एडवांस जर्नल के मुताबिक स्प्राइट कुछ मिलि सेकेंड्स के लिए ही दिखते हैं। इसलिए इन्हें देखना और इनकी स्टडी करना बेहद मुश्किल होता है। इसके इस प्रिक्रया की वजह से इसका नाम स्प्राइट रखा गया है।

विद्युत प्रवाह से बनते हैं
सप्राइट स्ट्रैटोस्फेयर से निकलने वाले ऊर्जा कण हैं जो तीव्र थंडरस्टॉर्म की वजह से जनरेट होने वाले विद्युत प्रवाह से बनते हैं। यहां पर अधिक प्रवाह जब बादलों के ऊपर आयनोस्फेयर में जाता है। तब ऐसी रोशनी देखने को मिलती है। यानी जमीन से करीब 80 किलोमीटर ऊपर। इनकी औसत लंबाई-चौड़ाई 48 किलोमीटर तक रहती है।

स्प्राइट क्या हैं –
लाल रंग की कड़कती बिजली को स्प्राइट कहते हैं। यह अंतरिक्ष की ओर भागते हैं। यह प्रकिया बेहद संवेदनशील और तीव्र थंडरस्टॉर्म की वजह से होता है। जहां सामान्य आकाशीय बिजली बादलों से धरती की तरफ गिरती है पर ये वायुमंडल के ऊपरी हिस्से तक चले जाते हैं। इनकी ताकत और तीव्रता बहुत ज्यादा होती है। लेकिन, ये बेहद दुर्लभ होते हैं। इसके बारे में स्टडी रिपोर्ट हाल ही में साइंस एडवांस जर्नल में प्रकाशित हुई है।

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