रुद्रपुर: अब विद्यार्थी घर बैठे कर सकेंगे प्रैक्टिकल

रुद्रपुर: अब विद्यार्थी घर बैठे कर सकेंगे प्रैक्टिकल

रुद्रपुर, अमृत विचार। सरदार भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थी अब घर बैठे भी प्रैक्टिकल कर सकेंगे। शनिवार से कॉलेज में राज्य की पहली वर्चुअल लैब ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले दिन रसायन विज्ञान के वर्चुअल लैब लिंक को कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड किया। शनिवार को कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर कमल …

रुद्रपुर, अमृत विचार। सरदार भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थी अब घर बैठे भी प्रैक्टिकल कर सकेंगे। शनिवार से कॉलेज में राज्य की पहली वर्चुअल लैब ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले दिन रसायन विज्ञान के वर्चुअल लैब लिंक को कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड किया।

शनिवार को कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर कमल किशोर पांडेय ने इस लैब की शुरुआत की। रसायन विज्ञान की वर्चुअल लैब के समन्वयक डॉ. भारत पांडे और आईआईटी दिल्ली वर्चुअल लैब के तन्मय तरुण दास व अक्षत अग्रवाल ने इस सॉफ्टवेयर का निर्माण व डिजाइन किया है। डॉ. पांडे ने बताया कि आभासी प्रयोगशाला के माध्यम से रसायन विज्ञान के विद्यार्थी कभी भी वर्चुअल लैब में अपने प्रयोगों को सीख सकेंगे।

बताया कि देश-विदेश के विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षकों के लिए कॉलेज की वेबसाइट पर यह सुविधा हर समय उपलब्ध कराई गई है। यह कार्यक्रम कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के तत्वावधान में हुआ है। प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. मनीषा तिवारी ने इसे कॉलेज की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह नवप्रवर्तन की ओर कॉलेज का बढ़ता कदम है।

वहीं रसायन विभाग के प्रभारी डॉ. प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने इसे दूरदराज के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी बताया। इस दौरान रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक दुर्गापाल ने आज के परिवेश में वर्चुअल लैब की आवश्यकता व महत्व पर प्रकाश डाला। जबकि प्रो. अजय कुमार पालीवाल ने इसे कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस दौरान डॉ. हरीश चंद्र, डॉ. पीएन तिवारी, डॉ. मनोज पांडे, डॉ, कमला बोरा, डॉ.बीपी सिन्हा, डॉ. राजेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप पंत मौजूद रहे।

एक साथ पांच सौ विद्यार्थी जुड़ सकेंगे
डॉ. भारत पांडेय ने बताया कि प्रयोगात्मक लैब की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए वर्चुअल लैब केमिकल साइंस सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया। इस वर्चुअल लैब में एकसाथ पांच सौ विद्यार्थी प्रयोगात्मक कक्षाओं को ज्वाइन कर सकते हैं। गांव के विद्यार्थी आईआर, मास, एनएमआर, स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसे बड़े उपकरण न देख सकते और न ही चला सकते हैं। इसे चलाने के लिए महंगी फीस के साथ शहरों की प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण लेना पड़ता है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विद्यार्थी घर बैठे लैब के निर्देशों का पालन कर प्रैक्टिकल के साथ ही अपना फीडबैक फॉर्म भी अपलोड कर सकते हैं।

ताजा समाचार

सिद्धार्थनगर में गरजे सीएम योगी, कहा- भारत ने कभी तलवार के बल पर शासन नहीं किया
बहराइच: गोली मारने के बाद भाग रहा युवक दुर्घटना का हुआ शिकार, ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा
5 अप्रैल का इतिहास: आज ही के दिन हुआ था फिल्म अभिनेत्री दिव्या भारती का निधन
प्रयागराज: परिषदीय स्कूलों में 2012 के विज्ञापन के अनुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग खारिज
लखनऊ: वक्फ विधेयक पारित होने पर मुस्लिम नेताओं व संगठनों की प्रतिक्रिया, जानें किसने क्या कहा?
प्रयागराज: गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा करने के मामले में इरफान सोलंकी को मिली सशर्त जमानत