कैंसर अस्पताल में नहीं मिल रहा मरीजों को इलाज, जानें पूरा मामला…

कैंसर अस्पताल में नहीं मिल रहा मरीजों को इलाज, जानें पूरा मामला…

लखनऊ। राजधानी के चक गंजरिया में बने कैंसर संस्थान को पांच साल हो चुके हैं।  यहां एक नया पांच मंजिला ब्लॉक भी बनकर तैयार हो गया है। लेकिन डॉक्टर-स्टाफ की कमी इलाज में बाधा बनती जा रही है। हलात ये है कि करोड़ों के कैंसर संस्थान में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके कारण अल्ट्रासाउंड …

लखनऊ। राजधानी के चक गंजरिया में बने कैंसर संस्थान को पांच साल हो चुके हैं।  यहां एक नया पांच मंजिला ब्लॉक भी बनकर तैयार हो गया है। लेकिन डॉक्टर-स्टाफ की कमी इलाज में बाधा बनती जा रही है। हलात ये है कि करोड़ों के कैंसर संस्थान में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके कारण अल्ट्रासाउंड जैसे सामान्य परीक्षण भी नहीं हो पाते हैं।

यहां बने ओटी काम्प्लेक्स में आठ नए ऑपरेशन थिएटर (ओटी) शुरू किए जा सकते हैं। लेकिन डॉक्टरों के संकट इतना अधिक है, की ब्लड बैंक भी नहीं है। ऐसे में बड़ी सर्जरी वाले मरीजों को केजीएमयू लोहिया इंस्टीट्यूट रेफर कर दिया जाता है।  दिसंबर के पहले सप्ताह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निरीक्षण के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

वर्तमान में संस्थान में केवल 8 फैकल्टी कार्यरत हैं। 24 जूनियर रेजिडेंट हैं। वर्तमान में 30 से अधिक फैकल्टी, 60 से अधिक रेजिडेंट पद रिक्त हैं। वहीं, 219 कर्मियों के पद भी खाली हैं। भर्ती संबंधी विज्ञापन कई बार सामने आए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कार्यवाहक सीएमएस डॉ अनुपम वर्मा के मुताबिक समस्या के समाधान का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही मरीजों को बेहतर इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने न्यू कैंपस समेत जानें किन कॉलेजों को बनाया परीक्षा केन्द्र

लखनऊ विश्वविद्यालय में छह जनवरी से शुरू होने वाली बीकॉम ऑनर्स और बीसीए की परीक्षाओं के लिए शुक्रवार को केन्द्र घोषित कर दिए गए हैं। बीसीए के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैम्पस समेत चार कॉलेजों में लगभग 18 कॉलेजों के केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं बीकॉम ऑनर्स के 17 कॉलेजों की परीक्षा लविवि ओल्ड कैम्पस समेत चार केन्द्रों पर होगी।

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