लखनऊ: बिजली अवर अभियंताओं ने किया उत्पीड़न का विरोध

लखनऊ। ऊर्जा निगमों के अवर अभियंताओं ने प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसका सख्त विरोध किया है। इस सिलसिले में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की रविवार को बैठक हुई, जिसमें अवर अभियंताओं ने इस पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में अवर अभियंता संवर्ग के विभागीय …
लखनऊ। ऊर्जा निगमों के अवर अभियंताओं ने प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसका सख्त विरोध किया है। इस सिलसिले में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की रविवार को बैठक हुई, जिसमें अवर अभियंताओं ने इस पर रोक लगाने की मांग की।
बैठक में अवर अभियंता संवर्ग के विभागीय कार्यदायित्वों में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों पर चर्चा हुई। सभा को सम्बोधित करते हुए संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष जीवी पटेल ने कहा कि अवर अभियंता संवर्ग के साथ उत्पीड़न चरम पर चल रहा है। छोटे-छोटे प्रकरणों में भी बड़ी-बड़ी कार्रवाई की जा रही है। संगठन के साथ हुए समझौते पर अभी तक आदेश निर्गत नहीं किये गये हैं।
केन्द्रीय महासचिव जय प्रकाश ने कहा कि विभाग द्वारा रोज नये आदेश डेटा क्लिनिंग, प्रत्येक दिवस की वीडियो कांफ्रेंसिंग आदि के जरिये अधिक राजस्व वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। उपभोक्ताओं की फीडर स्तर पर ‘टैगिंग’ सही कराने की पूर्व की व्यवस्था को ऊर्जा प्रबंधन ने समाप्त कर दिया गया है जिससे सभी डेश बोर्डों का डाटा सही नहीं हो पा रहा है जबकि इन्हीं डाटा के आधार पर अवर अभियंता संवर्ग पर कार्रवाई की जा रही है।
केंद्रीय संरक्षक सतनाम सिंह ने कहा कि यह संवर्ग हमेशा ऊर्जा प्रबंधन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता रहा है। प्रबंधन संवर्ग को न्यूनतम संसाधन व कर्मचारी उपलब्ध कराए ताकि संवर्ग ऊर्जा प्रबंधन की अपेक्षाओं को पूरा कर सके। बैठक में एससी दीक्षित, एसबी सिंह, एसएम सिंह, अरविंद कुमार झा आदि शामिल हुए।
जम्मू-कश्मीर के अभियंताओं को समर्थन
निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर गये जम्मू-कश्मीर के अवर अभियंताओं का उत्पीड़न हुआ तो प्रदेश के अवर अभियंता भी आंदोलन शुरू करेंगे। अखिल भारतीय पावर डिप्लोमा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्र सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में पावर ग्रिड के साथ मिलकर पारेषण कंपनी का गठन कर निजीकरण की कार्रवाई शुरू की गयी है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका विरोध किया जा रहा है।
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