बरेली: ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए बढ़ेंगे सीएचसी-पीएचसी पर बेड

बरेली, अमृत विचार। जिले में ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में गांव में ही रोगियों को भर्ती कर इलाज कराने की सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तीन माह में निर्माण …
बरेली, अमृत विचार। जिले में ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में गांव में ही रोगियों को भर्ती कर इलाज कराने की सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तीन माह में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए प्री-फैब मैटेरियल से निर्माण कराया जाएगा। जिले के चार ब्लाक में निर्माण कार्य कराया जाना है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार सुविधा बढ़ाई जा रही है। सीएचसी व पीएचसी पर आक्सीजन प्लांट के साथ ही गंभीर मरीजों के लिए दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं। पीएचसी में चार बेड व सीएचसी पर अधिकतम 30 बेड की व्यवस्था होती है। गंभीर रोगियों का इलाज गांव के अस्पताल में कराने की योजना तैयार की गई है।
कम समय में भवन का निर्माण करने के लिए प्री-फैब तकनीकी से निर्माण कराने का फैसला लिया है। वहीं, पीएचसी में छह बेड और सीएचसी में 20 बेड अतिरिक्त बढ़ाया जाना है। पीएचसी में भवन के निर्माण पर 9.68 लाख रुपये और सीएचसी में भवन निर्माण पर 32.23 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन को नामित किया गया है। एजेंसी को निर्माण के लिए बजट आवंटित किया गया है।