बरेली: खतरनाक है डेंगू का डी-2 वैरिएंट, ब्रेन हेमरेज का भी खतरा

बरेली, अमृत विचार। जिले में बीते दिनों डेंगू के दो मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद व अन्य जिलों में डेंगू का डी-2 वेरियएंट मिलने के बाद से जिले में भी डी-2 वैरिएंट की …
बरेली, अमृत विचार। जिले में बीते दिनों डेंगू के दो मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद व अन्य जिलों में डेंगू का डी-2 वेरियएंट मिलने के बाद से जिले में भी डी-2 वैरिएंट की दस्तक की आशंका जताई जा रही है। वहीं, जिले में अभी नए वेरिएंट की जांच की सुविधा नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि डेंगू संदिग्ध व पुष्टि होने वाली मरीज की नए वैरिएंट की जांच कराई जाएगी।
सीएमओ डा. बलवीर सिंह ने बताया कि डेंगू के डी-2 वेरिएंट के मरीज मिलने पर जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। डेंगू का डी-2 वैरिएंट जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसके बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सर्वेक्षण के साथ दवा के छिड़काव और फॉगिंग पर जोर दिया जा रहा है।
जिले में अब तक एलाइजा जांच के बाद दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के मरीजों की तलाश के लिए 16 सितंबर तक घर-घर सर्वे किया जा रहा है। जिला अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी पर एनएस-1 किट से डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें वेरिएंट की जांच नहीं हो पाती है। वेरिएंट की जांच के लिए सैंपल को लखनऊ भेजा जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डी-2 वेरिएंट के शुरुआती लक्षणों में मरीज को तेज बुखार होना, शरीर में प्लेटलेट्स में गिरावट, रक्तस्रावी बुखार आना प्रमुख है। यह स्ट्रेन बहुत घातक है। तेज बुखार के बाद एकदम से रक्तचाप कम हो जाता है। इसे शॉक सिंड्रोम भी कहते हैं। डेंगू का डी-2 स्ट्रेन जानलेवा ब्रेन हैमरेज का कारण भी बन सकता है।
डेंगू से बचने के लिए बरतें सतर्कता
- बारिश के दिनों में पूरी बाजू की शर्ट पहनें। पावों में जूते जरूर पहनें। शरीर को कहीं से भी खुला न छोड़ें।
- घर के आस-पास या घर के अंदर पानी नहीं जमा होने दें। कूलर, गमले, टायर आदि में जमे पानी को तुरंत बहा दें।
- कूलर में यदि पानी है तो इसमें मिट्टी का तेल डालें, जिससे मच्छर न पनप पाए।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- पानी की टंकियों को सही तरीके से ढक कर रखें।
- डेंगू होने पर तरल खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करवाएं।
- वयस्क व्यक्ति दिन में कम से कम साढ़े चार लीटर पानी पिये।
- खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने या फिर रक्तस्राव होने पर खून भी चढ़ाना पड़ सकता है।
- खुद से कोई दवा न लें। बुखार की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करें।