लखनऊ: देश के जाने माने बाल रोग विशेषज्ञों का हुआ सम्मेलन, बच्चों के इलाज के लिये बनाएंगे गाइडलाइन

लखनऊ। बच्चों में अनुवांशिक तथा तंत्रिका संबंधी बीमारियों की समय रहते पहचान हो सकेगी,साथ ही इनका इलाज भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सकेगा। इसके लिए प्रदेश के बाल रोग विशेषज्ञों तथा निजी चिकित्सकों को पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी की नई तकनीकों व आयामों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। चिकित्सकों के लिए पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी संबंधी गाइड लाइन बनाने तथा …
लखनऊ। बच्चों में अनुवांशिक तथा तंत्रिका संबंधी बीमारियों की समय रहते पहचान हो सकेगी,साथ ही इनका इलाज भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सकेगा। इसके लिए प्रदेश के बाल रोग विशेषज्ञों तथा निजी चिकित्सकों को पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी की नई तकनीकों व आयामों का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
चिकित्सकों के लिए पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी संबंधी गाइड लाइन बनाने तथा नई तकनीक का प्रशिक्षण देने का काम यूपी स्टेट चैप्टर ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा किया जायेगा। जिसका गठन आज राजधानी के हजरतगंज स्थित एक होटल में किया गया है। दरअसल, देश में मिर्गी से पीड़ित बच्चों की संख्या बहुत अधिक है, विशेषज्ञों की माने तों यदि समय पर मिर्गी पीड़ित बच्चे का इलाज नहीं किया गया तो उसे मस्तिष्क संबंधी विभिन्न समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें सीखने की समस्याएं और मानसिक मंदता शामिल हैं।
बच्चों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुये आज एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी की ओर से राजधानी में एक मेडिकल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। यह कांफ्रेस लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक और यूपी स्टेट एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के सहयोग से आयोजित की गयी थी। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आये करीब 100 चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का विषय बचपन की मिर्गी की प्रारंभिक पहचान और उचित उपचार था।
बताया जा रहा है कि यूपी स्टेट चैप्टर ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट का गठन किया गया। जिसकी अध्यक्ष लखनऊ की डॉ. रश्मि कुमार और सचिव अलीगढ़ के डॉ अनूप कुमार बने हैं। वहीं राजधानी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष वर्मा को एग्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर बनाया गया है।
डॉ. आशुतोष वर्मा ने बताया कि बच्चों में होने वाली मानसिक बीमारियों की अब तक कोई सधी हुई गाइडलाइन नहीं थी, जो अब इस चैप्टर के द्वारा बनायी जा रही है, साथ में नये बाल रोग विशेषज्ञ को भी पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे बच्चों की मानसिक बीमारियों का इलाज और बेहतर हो सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल प्रेसिडेंट ओफ़ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी के डॉक्टर वसंत खलेटकर,चैप्टर के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर संजीव जोशी, डॉ.अलका अग्रवाल , डॉक्टर अजय श्रीवास्तव,डॉ. ब्रिजेश, डॉ.अनूप वर्मा, डॉक्टर शेफाली , बरेली से डॉक्टर अतुल अग्रवाल, कानपुर से डॉक्टर वी.ऐन त्रिपाठी, झाँसी से डॉक्टर ओम चौरसिया, डॉक्टर अमित रस्तोगी, डॉक्टर अभिषेक बंसल और डॉक्टर संजय निरंजन उपस्थित रहे।
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