बरेली: प्रदेश में काला पीलिया के मरीजों में बरेली दूसरे पायदान पर

बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों ने भी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जिले में काली पीलिया यानि हेपेटाइटिस बी व सी तेजी से पांव पसार रहा है। शासन की ओर से जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार काली पीलिया के मरीजों की संख्या …
बरेली,अमृत विचार। जिले में कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों ने भी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जिले में काली पीलिया यानि हेपेटाइटिस बी व सी तेजी से पांव पसार रहा है। शासन की ओर से जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार काली पीलिया के मरीजों की संख्या में बरेली सूबे में दूसरे स्थान पर है। वहीं, रामपुर पहले स्थान पर काबिज है। रामपुर में काली पीलिया के 192 मामले हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके गुप्ता के अनुसार पिछले माह शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के कुल 105 मरीज सामने आए थे, लेकिन इस माह रोगियों की संख्या बढ़कर 169 पहुंच गई है। इसमें 64 मरीज हेपेटाइटिस बी तो 105 मरीज हेपेटाइटिस सी से ग्रसित मिले हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने का एक मुख्य कारण यह भी है कि जिले में मरीजों की जांचों का क्रम भी लगातार बढ़ रहा है।
सीएमओ जारी करेंगे पत्र
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में अधिक से अधिक हेपेटाइटिस की जांचें हो सकें, इसके लिए सीएमओ स्तर से समस्त ब्लड बैंक और आईएमए को पत्र भेजा जाएगा। रक्तदान करने आने वाले लोगों की रक्तदान से पूर्व हेपेटाइटिस की जांच कराई जाए, जिससे अन्य लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
क्या होता है काला पीलिया
डॉ. गुप्ता के अनुसार काला पीलिया एक आम यकृत विकार हैं, जो कि कई असामान्य चिकित्सा कारणों की वजह से से हो सकते हैं. काला पीलिया होने पर किसी व्यक्ति को सिर दर्द, लो-ग्रेड बुखार, मतली और उल्टी, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली और थकान आदि लक्षण होते हैं। त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है. इसमें मल पीला और मूत्र गाड़ा हो जाता है। इस प्रकार के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं।
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