यूपी: शिक्षकों की मौत पर सियासत गरमाई, प्रियंका-अखिलेश के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने किया पलटवार

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को शिक्षकों की मौत के आंकड़े को लेकर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार के आंकड़ों को झूठ बताते हुये संवेदनहीन कहा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुये कहा कि, शिक्षकों को जीते जी उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने …
लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को शिक्षकों की मौत के आंकड़े को लेकर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार के आंकड़ों को झूठ बताते हुये संवेदनहीन कहा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुये कहा कि, शिक्षकों को जीते जी उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि, उनकी मौत के बाद भी सरकार अब उनका सम्मान छीन रही है।
प्रियंका ने किया ट्वीट
प्रियंका गांधी का पूरा ट्वीट इस तरह था। पंचायत चुनाव में ड्यूटी करते हुए मारे गए 1621 शिक्षकों की उप्र शिक्षक संघ द्वारा जारी लिस्ट को संवेदनहीन यूपी सरकार झूठ कहकर मृत शिक्षकों की संख्या मात्र 3 बता रही है। शिक्षकों को जीते जी उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नहीं मिला और अब मृत्यु के बाद सरकार उनका सम्मान भी छीन रही है।
वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। ट्वीट करते हुए लिखा है- उत्तर प्रदेश की निष्ठुर भाजपा सरकार मुआवज़ा देने से बचने के लिए अब ये झूठ बोल रही है कि चुनावी ड्यूटी में केवल 3 शिक्षकों की मौत हुई है जबकि शिक्षक संघ का दिया आँकड़ा 1000 से अधिक है। भाजपा सरकार ‘महा झूठ का विश्व रिकॉर्ड’ बना रही है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि परिवारवालों का दुख ये हृदयहीन भाजपाई क्या जानें।
शिक्षा मंत्री ने किया पलटवार
इस पर राज्य सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, चुनाव ड्यूटी के दौरान सिर्फ तीन शिक्षकों का निधन हुआ है। हम उनके परिजनों को मुआवजा देने की कार्यवाही कर रहे हैं।
कुछ शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी शिक्षकों की हुई मृत्यु 1621 बता रहें हैं,जो पूर्णतया गलत और निराधार है। इसी भ्रामक सूचना के आधार पर विपक्ष के नेता ओछी राजनीति कर रहें हैं।
जिलाधिकारियों ने केवल तीन शिक्षकों की मौत की सूचना निर्वाचन आयोग की दी है। उनके साथ हमारी पूरी संवेदना है, उनके आश्रितों को 30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी तथा अन्य देयकों के भुगतान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
शिक्षक संघ की लिस्ट के बाद विवाद
आपको बता दें कि, यूपी में हाल ही में हुये पंचायत चुनाव के दौरान कई शिक्षकों की मौत की खबर थी। वहीं, राज्य के शिक्षक संघ के मुताबिक, 1621 शिक्षकों ने मतदान ड्यूटी के दौरान दम तोड़ा था। यही नहीं, उन्होंने इस पर विस्तार से सूची भी जारी की है। लेकिन वहीं, सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चुनाव ड्यूटी के दौरान केवल तीन शिक्षकों की मौत हुई थी। फिलहाल अब ये मुद्दा सियासी रंग लेता दिखाई दे रहा है।
https://twitter.com/arti_pal2020/status/1394865594470592512