हल्द्वानी: सांसों पर भारी पड़ेगा पटाखों का जहरीला धुआं, ऐसे रहें सुरक्षित

हल्द्वानी, अमृत विचार। दीपावली का पर्व हो और पटाखे न जलें ऐसा हो नहीं सकता। पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं सांसों पर भारी पड़ सकता है। सांस की बीमारी-अस्थमा की शिकायत हो सकती है। ऐसे में विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। खासतौर पर अस्थमा, हृदय और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए घातक भी साबित हो सकता है।
हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन टीबी एवं श्वास रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरजी नौटियाल कहते हैं कि पटाखों से इंसानों को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि पशु-पक्षी और पेड़-पौधों को भी नुकसान होता है। बताया कि इंसान का फेफड़ा किसी भी तरह के धुएं और धूल को बर्दाश्त नहीं कर सकता है।
धूल और धुआं फेफड़ों के दुश्मन हैं। इससे सांस से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। जिन मरीजों को सांस की बीमारी है यह उनके लिए काफी कष्टदायी होता है। ऐसे में जरूरी है धुएं से बचने का प्रयास करें। इनहेलर और दवाएं लेते रहें। दवा से राहत न मिलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
अस्पताल आने वाले मरीजों की बढ़ाई हैं दवाएं
डॉ. आरजी नौटियाल ने बताया कि टीबी अस्पताल में आने वाले मरीजों की दवाएं बढ़ाई गई हैं। पटाखों के धुएं का असर 10 से 15 दिनों तक रहता है। जो मरीज नहीं आए हैं, उनसे अपील है कि दवा और इनहेलर लेते रहें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
आंखों में जलन और एलर्जी का खतरा भी
सुशीला तिवारी अस्पताल के एमएस और नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस तितियाल कहते हैं कि पटाखों से चोट लगने, धुएं से आंखों जलन और एलर्जी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। खासकर छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन-जिन विभागों की इसमें जरूरत होती है उन्हें इमरजेंसी में तैनात रहने के निर्देश दिये हैं। ताकि कोई गंभीर मामला आने पर तुरंत मरीज को इलाज मिल सके।
जलने पर ठंडे पानी का सेक करें, अस्पताल जाएं
एसटीएच में जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह कहते हैं कि दीपावली पर अनार और फूलझड़ी से निकलने वाले स्पार्कल से अकसर लोग झुलस जाते हैं। ऐसे में जितना हो उतना पटाखे जलाने से बचें। पटाखे से झुलसने पर तुरंत ठंडे पानी से सेक करें। अस्पताल में व्यवस्था के लिए 5 दिन का रोस्टर बनाया गया है। करीब 28 रजिडेंट हैं जिनमें 3 छुट्टी पर गए हैं। बाकी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उनके साथ सीनियर डॉक्टर पर होंगें। ये व्यवस्था 11 से 15 नवंबर तक रहेगी।