Bikru Case Update : Khushi Dubey को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, बिकरू कांड में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हुई थी मौत
Bikru Case Update कानपुर के बिकरू कांड में खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है।

Bikru Case Update कानपुर के बिकरू कांड में आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घटना के वक्त वो 17 साल की थी।
कानपुर, अमृत विचार। Bikru Case Update बिकरू कांड में पुलिस पर फायरिंग के लिए विकास दुबे और उसके गुर्गों को उकसाने की आरोपी खुशी दुबे को सुप्रीमकोर्ट ने सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया है। वह कानपुर देहात की माती जेल में थी। खुशी को हफ्ते में एक दिन थाने में हाजिरी दर्ज करानी होगी।
इसके साथ ही वह ट्रायल में पूरा सहयोग देगी। खुशी के वकील शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अब्दुल नजीर व जस्टिस एस नरसिम्हा की खंडपीठ ने सुनवायी के बाद सशर्त जमानत पर रिहाई के आदेश किए।
खुशी दुबे के पति कुख्यात विकास दुबे का शूटर था जिसे पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। जमानत पर सुनवायी के दौरान यूपी सरकार जमानत का विरोध किया। उनके वकील का कहना था कि खुशी पर फायरिंग के लिए उकसाने और गोलियां पुलिस पर गोलियां चलाने वालों को गोलियां देने का आरोप है। खुशी पर 16 गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। और सुनवायी की 95 तारीखों के बाद जमानत मिली।
बिकरू कांड के बाद खुशी दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट में उसे नाबालिग साबित करने के बाद सीतापुर बालिका गृह भेजा गया। तब उसकी उम्र 16 साल 6 महीना बतायी गयी थी। बाद में बालिग होने के बाद जेल भेजा गया था। वह तीस महीने तक जेल में रही। उसके वकील शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि जमानत पर सुनवायी के दौरान सुप्रीमकोर्ट में वकील विवेक तन्खा ने बहस की।
वकीस दीक्षित का कहना है कि खुशी दुबे की जमानत उनके लिए उस व्यवस्था के खिलाफ जिद थी जिसका कहना था जो उसने किया वही सही है। बहस के दौरान खुशी का जेल में व्यवहार भी सामने लाया गया जिसमें उस पर आरोप था कि वह अन्य कैदियों से झगड़ा करती थी और उसकी जमानत के बाद गिरोह फिर सक्रिय हो सकता है। बहस के दौरान यह भी कहा गया कि जेल रिपोर्ट के मुताबिक इसका व्यवहार ठीक नहीं था दूसरे कैदियों के साथ उसने झगडे किए थे।
दो जुलाई 2020 की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को दबोचने को दबिश देने गयी पुलिस पर विकास और उसके गिरोह ने हमला कर दिया था। इस घटना में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस वाले शहीद हो गए थे। पुलिस पर गोली दागने वालों में विकास दुबे का कथित भतीजा अमर दुबे भी था जिसका विवाह 29 जून 2020 को खुशी दुबे से हुआ था। बाद में दोनों को एनकाउंटर में पुलिस ने ढेर कर दिया। खुशी दुबे को चार जुलाई 2020 को हिरासत में लेकर चार दिन तक पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
बिकरूकांड में आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत दी गई है। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने खुशी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। जिसके तहत उसे सप्ताह में या एक निर्धारित तिथि पर संबंधित थाने में अपनी हाजिरी देनी होगी। अन्य शर्तों को निर्धारित का आदेश ट्रायल कोर्ट को दिया गया है। बता दें कि खुशी दुबे मौजूदा समय में माती जेल में बंद चल रही है।