सूर्य ग्रहण : रामलला को आज नहीं लगा 56 भोग, सूतक के चलते बंद रहे मठ- मंदिरों के कपाट

सूर्य ग्रहण : रामलला को आज नहीं लगा 56 भोग, सूतक के चलते बंद रहे मठ- मंदिरों के कपाट

अमृत विचार अयोध्या । कार्तिक अमावस्या के दूसरे दिन मंगलवार को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण राम नगरी के दिनचर्या और धर्म कर्म पर अपना साया छोड़ गया। भगवान श्री राम के लंका विजय के बाद वन आगमन तथा राज्याभिषेक को लेकर रामनगरी ने दीपावली तो मनाई लेकिन आज परंपरागत रूप से भगवान को लगने …

अमृत विचार अयोध्या । कार्तिक अमावस्या के दूसरे दिन मंगलवार को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण राम नगरी के दिनचर्या और धर्म कर्म पर अपना साया छोड़ गया। भगवान श्री राम के लंका विजय के बाद वन आगमन तथा राज्याभिषेक को लेकर रामनगरी ने दीपावली तो मनाई लेकिन आज परंपरागत रूप से भगवान को लगने वाला छप्पन भोग नहीं लग पाया। अन्नकूट और गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम भी नहीं हो पाया।

रामलला को छप्पन भोग अब बुधवार को लगाया जाएगा। सूतक के चलते मंगलवार होने के बावजूद श्रद्धालुओं को बजरंगबली का दर्शन भी नहीं मिल पाया। ग्रहण के चलते रामलला और हनुमानगढ़ी ही नहीं राम नगरी के सभी मठ मंदिरों के कपाट बंद रहे। वर्षों बाद दीपावली और गोवर्धन पूजा के बीच सूर्यग्रहण लगने का संयोग बना है। ग्रहण और सूतक के चलते राम नगरी में श्रद्धालुओं की आमद नगण्य रही और सड़के सूनी नजर आई।

अमूमन मंगलवार को पौराणिक पीठ हनुमानगढ़ी पर बजरंगबली के दर्शन पूजन को भारी भीड़ उमड़ती है। यही हाल शनिवार का भी रहता है। धार्मिक शास्त्रों में ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. दरअसल, ग्रहण के पहले सूतक लगने पर किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते। वही ग्रहण के चलते आसपास के क्षेत्रों के कुछ श्रद्धालु सरयू स्नान के लिए राम नगरी पहुंचने लगे हैं। ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में स्नान को शुभ माना जाता है।

वैदिक आचार्य पंडित संतोष कुमार ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में शाम 4:29 से लेकर शाम 5:42 बजे यानी 1 घंटे 13 मिनट तक सूर्यग्रहण का साया रहेगा। वैष्णो परंपरा की इस नगरी में ग्रहण का मोक्ष समय सूर्यास्त के पास होने के चलते आज के सक्षम रूप में संध्या आरती व राग-भोग किया जाएगा। परंपरागत पूजन अर्चन विधि विधान से बुधवार को ही शुरू होगा।

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