रामपुर: आनी थी बेटी की बरात, कफन में लिपटे पिता समेत पांच के पहुंचे शव

टांडा\रामपुर, अमृत विचार। लाल जोड़े में हाथों में मेहंदी लगाकर दुल्हन के रूप में सजी अपनी प्यारी बिटिया की बरात आने का सपना संजोए पूरन न कन्यादान कर सका न उसकी डोली उठा सका और हमेशा के लिए चला गया। जिस घर में बिटिया की बारात आनी थी, उस घर में पिता का कफन में …
टांडा\रामपुर, अमृत विचार। लाल जोड़े में हाथों में मेहंदी लगाकर दुल्हन के रूप में सजी अपनी प्यारी बिटिया की बरात आने का सपना संजोए पूरन न कन्यादान कर सका न उसकी डोली उठा सका और हमेशा के लिए चला गया। जिस घर में बिटिया की बारात आनी थी, उस घर में पिता का कफन में लिपटा शव पहुंचा।
मुरादाबाद के जयंतीपुर मोहल्ले में पांच लोगों की हादसे में मौत के बाद कोहराम मच गया। जिसने हादसे का सुना सबकी आंखों में आंसु छलक आए। बता दें कि जिला मुरादाबाद के थाना मझोला के मोहल्ला जयंतीपुर निवासी पूरन दिवाकर ने अपनी बेटी गीता की शादी उत्तराखंड के थाना बाजपुर निवासी भूप सिंह के बेटे कन्हैया दिवाकर के साथ तय की थी।
शुक्रवार को वह अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों विनोद दिवाकर, मुकेश वर्मा, देवेंद्र सिंह तोमर और परमवीर सिंह ठाकुर के साथ अपने मोहल्ले के ही हरेंद्र सिंह की मारूति ईको से लगन चढ़ाकर सुल्तानपुर पट्टी जिला उधमसिंहनगर से वापस लौट रहे थे कि टांडा कोतवाली अंतर्गत सीकमपुर चौराहे के पास ईको में पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी।
इससे चार पहिया इको वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े थे। उसके बाद लोगों ने तेजी से दौड़कर क्षतिग्रस्त वाहन का दरवाज़ा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला था। टक्कर इतनी भयानक थी कि ईको में बैठे पूरन लाल दिवाकर,विनोद कुमार,देवेंद्र सिंह तौमर,परमवीर सिंह ठाकुर और मुकेश वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी।
वाहन चालक हरेंद्रसिंह गंभीर रुप से घायल है। जिसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। परिजन बेहतर उपचार के लिए उसे नोएडा ले गए। पुलिस ने पांच शव को जिला अस्पताल भेज दिया था। शनिवार शाम को सभी लोग शवों को लेकर मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। शादी वाले घर में जब जीजा और साले का शव पहुंचा तो परिवार वालों में कोहराम मच गया।
बाद में मृतक की बेटी पूजा की तहरीर के आधार पर अज्ञात चालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मेहंदी लगे हाथों से पिता के शव को लेने पहुंची पूजा
बड़ी बहन की शादी की खुशी में पूरे परिवार के साथ रिश्तेदार भी खुश नजर आ रहे थे। घर खूब सजा हुआ था। लेकिन शुक्रवार रात का हुए हादसे में जब पिता सहित पांच लोगों की सीकमपुर चौराहे पर हादसे की खबर सुनी, तो पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गई थी। चारों ओर सन्नाटा छा गया था।
मेहंदी लगे हाथों से बड़ी बहन को विदा करने वाली पूजा सुबह अपने पिता के शव को लेने जिला अस्पताल पहुंची, तो पिता के शव को देखकर दहाड़ें मारकर रोना शुरूकर दिया। देर शाम को जब वह शव लेकर घर पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया।
किस की लापरवाही से हुआ हादसा नहीं जानकारी
बाजपुर से लगुन चढ़ाकर कार से वापस आ रहे छह लोगों से भरी कार पलटने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तहरीर के आधार पर अज्ञात चालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन लापरवाही किसकी थी इसकी पुलिस को जानकारी तक नहीं है।
घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक 20 घंटे मची रही चीखपुकार
शुक्रवार रात करीब नौ बजे सीकमपुर चौराहे पर कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जिसमे पांच लोगों जीजा साले सहित पांच लोगों की मौत के बाद शादी की खुशियां मातम में छा गई।सभी परिवारों के लोग मौके पर दौड़ पड़े थे।
शुक्रवार रात से लेकर शनिवार शाम पांच तक घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल पर चीख-पुकार मची रहीं। शव जाने के बाद कोतवाली और टांडा पुलिस ने राहत की सांस ली। दोनों थाने की पुलिस सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।
पिता की मौत के बाद शादी भी टली
जिला मुरादाबाद के थाना मझोला के जयंतीपुर निवासी पूरनलाल दिवाकर ने अपनी बेटी गीता की शादी उत्तराखंड के बाजपुर के सुल्तानपुर पट्टी निवासी कन्हैया दिवाकर से तय कर दी थी। लेकिन शुक्रवार हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। जिसमें जीजा साले भी शामिल हैं। मृतक की छोटी बेटी पूजा का कहना है कि शादी को कैसिल कर दिया गया है।
पचास हजार रुपये और सोने की चेन गायब
जिस ईको गाड़ी में हादसा हुआ उसमें दुल्हन के पिता और उसके फूफा समेत पांच लोग सवार थे। उनके पास पचास हजार रुपये की नकदी और एक सोने की चेन भी थी, हादसे के बाद उनके पचास हजार रुपये और सोने की चेन का कोई पता नहीं चला है। पूरन दिवाकर की छोटी बेटी पूजा ने बताया कि रुपये और सोने की चेन के बारे में कोई नहीं बता रहा है कहां है, किसने निकाल लिए।
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