बरेली: दिशा की बैठक में अफसरों पर भड़के माननीय

बरेली, अमृत विचार। विकास भवन सभागार में शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद संतोष गंगवार की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई जिसमें सड़क, पानी, गंदगी, आवास, शौचालय और किसानों की समस्याओं पर माननीयों का गुस्सा अफसरों पर फूटा। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने अफसरों से कहा …
बरेली, अमृत विचार। विकास भवन सभागार में शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद संतोष गंगवार की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई जिसमें सड़क, पानी, गंदगी, आवास, शौचालय और किसानों की समस्याओं पर माननीयों का गुस्सा अफसरों पर फूटा। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने अफसरों से कहा कि विकास कार्यों में जो भी बाधा उत्पन्न करे, उसके खिलाफ रिपोर्ट कराएं। माननीयों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता में कराने और लापरवाही न बरतने की बात कही।
बैठक में मीरगंज विधायक डीसी वर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले के तमाम अफसर बेलगाम होते जा रहे हैं। फोन नहीं उठाते हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र के कैंसर प्रभावित गांव में एसटीपी यूनिट लगनी है। इसका प्रस्ताव पास हो चुका है। बजट भी आ गया है लेकिन मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के बाद भी अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। पानी की शुद्धता को लेकर अफसर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। इस पर राजस्व मंत्री छत्रपाल गंगवार ने अफसरों को हिदायत दी कि कार्य में सुधार नहीं तो मुख्यमंत्री के समक्ष इन मामलों को रखा जाएगा। शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने अलकनाथ रोड समेत शहर में स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों पर सवाल उठाए। कहा कि पूरा शहर खुदा पड़ा है। आवागमन में दिक्कत हो रही है।
एक जगह का काम पूरा होता नहीं है, दूसरे जगह खुदाई शुरू कर दी जाती है। भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य भी बैठक में अफसरों पर सख्त दिखे। धान क्रय केंद्र, रबी फसलों के लिए खाद, सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। कहा कि डीएम के आदेश के बाद भी कई जगह धान क्रय स्थापित नहीं किए गए। अफसरों की मनमानी हावी है। मनरेगा कार्यों का म़ुद्दा उठा, जिस पर उपायुक्त मनरेगा गंगाराम वर्मा ने सफाई दी। डीएम ने कहा कि सड़क निर्माण में मनरेगा मजदूर लगाए जाएं। इसी क्रम में गांवों में मिनी सचिवालय शुरू न होने, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था के तहत टंकी न लगाने, मच्छरों के प्रकोप से छुटकारा दिलाने के लिए दवा का छिड़काव न होने पर अफसरों पर माननीयों ने नाराजगी जताई।
लाभार्थियों को नहीं मिलती मजदूरी
बैठक में माननीयों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को काम करने का अलग मजदूरी देने की व्यवस्था है, पर अधिकांशों को भुगतान नहीं होता है। लगातार शिकायतें आती हैं पर अफसर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते। वहीं जनपद में अधिकांश शौचालयों में उपले भरे हैं पर अनदेखी की जा रही है।
समूह की महिलाओं के कार्यों का बढ़ाए दायरा
दिशा की बैठक में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का मुद्दा उठा। आंवला विधायक धर्मपाल ने कहा कि महिलाओं को तीन हजार रुपये से ज्यादा काम नहीं दिया जाता है। महिलाओं के कार्यों का दायर बढ़ाया जाए ताकि जिले में इनकी पहचान बने। कहा कि जनपद में आलू की अच्छी पैदावार है। महिलाओं को इससे जोड़ें। डीएम ने कहा कि 15 दिसंबर को समूह की महिलाओं का एक सम्मेलन कराया जाना है। इसमें महिलाओं के कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा ताकि जनपद भर से आने वाली महिलाएं एक-दूसरे के कार्यों को समझें और आगे बढ़ें।
सामूहिक विवाह का नहीं हुआ भुगतान
बैठक में एक प्रतिनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत काफी लाभार्थियों को भुगतान नहीं हो सका। इस सवाल पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि मौजूदा समय का पूरा भुगतान हो गया है। वर्ष 2019 में लक्ष्य से अधिक विवाह हो गए थे, जिसका बजट नहीं मिल सका।
बीमा योजना के बारे में नहीं जानते किसान
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी नहीं है। यही वजह है कि जिले में बहुत कम किसानों का फसल बीमा है। बड़े स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार किया जाए।