हल्द्वानी: आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने केंद्र से पहुंची सात सदस्यीय टीम

हल्द्वानी, अमृत विचार। आपदा के बाद हुए नुकसान का जायजा लेने भारत सरकार की सात सदस्यीय टीम शनिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने हल्द्वानी पहुंची। टीम ने शनिवार सुबह आपदा प्रभावित तल्ला रामगढ क्षेत्र का निरीक्षण किया और प्रभावितों से बात की। इसके बाद टीम ने कलसिया नाला, क्षतिग्रस्त गौला पुल के साथ …
हल्द्वानी, अमृत विचार। आपदा के बाद हुए नुकसान का जायजा लेने भारत सरकार की सात सदस्यीय टीम शनिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने हल्द्वानी पहुंची। टीम ने शनिवार सुबह आपदा प्रभावित तल्ला रामगढ क्षेत्र का निरीक्षण किया और प्रभावितों से बात की। इसके बाद टीम ने कलसिया नाला, क्षतिग्रस्त गौला पुल के साथ ही इंदिरानगर द्वितीय, बिंदुखत्ता का भी निरीक्षण किया।
संयुक्त सचिव गृह संजीव जिंदल के नेतृत्व में जनपद मे पहुंची टीम ने निरीक्षण बाद सर्किट हाउस में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान क्षतिग्रस्त योजनाओं का विभागवार क्षति का प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद मे प्राथमिक आंकलन कर 236 करोड़ की क्षति हुई है। यह और बढ़ने की आशंका है जिस पर संयुक्त सचिव गृह ने कहा कि विद्युत, पेयजल,सडक, संचार व्यवस्थाएं प्राथमिकता से दुरूस्त किए जाएं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि छोटे क्षतिग्रस्त कार्यों को एडीआरएफ के मानकों के अनुसार तुरंत किए जाएं तथा बडे़ कार्य स्वीकृति के उपरान्त प्रारम्भ किए जाएं।
जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में पेयजल, विद्युत, सड़कें भी यातायात हेतु सुचारू कर दी गई हैं तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे खाद्यान व अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में लोनिवि के 93 मोटर मार्ग व 3 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, विभाग द्वारा प्राथमिक आंकलन कर 37.29 करोड का नुकसान की क्षति का आंकलन प्रस्तुत किया गया है। इसी प्रकार राष्टीय राजमार्ग में 34.50 करोड़, पीएमजीएसवाई के 63 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, 28.56 करोड़ का नुकसान हुआ है।
पेयजल निगम द्वारा 4.46 करोड़, सिचाई विभाग द्वारा 47 करोड़, लघु सिंचाई की 171 योजनायें आपदा से प्रभावित हुई हैं, 5.79 करोड की क्षति हुई है। नलकूप विभाग में नदी नालों मे बाढ़ आने से 20 पम्पों मे सिल्ट आने के कारण खराब हो गए हैं। 90.20 लाख की क्षति हुई है, जबकि स्वास्थ विभाग के 12 चिकित्सालय व आवासीय भवनों को नुकसान हुआ है, 1.19 करोड की क्षति हुई है। विद्युत विभाग में 133 ट्रांसफार्मर तथा 135 किमी विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हुई है, 648 विद्युत पोल ध्वस्त हो गए हैं, प्राथमिक आंकलन में 5.72 करोड का नुकसान आंका गया है।
कृषि विभाग द्वारा 4.60 करोड़ की क्षति, उद्यान विभाग द्वारा 3.60 करोड़ की क्षति, मत्स्य विभाग द्वारा 2.20 करोड़ की क्षति का आंकलन किया गया है जबकि ग्राम विकास की 910 परिसम्पत्तियों को क्षति पहुंची है, 15.52 करोड की क्षति का आंकलन किया गया है। स्वजल 80 लाख की क्षति, पंचायती राज विभाग की ग्राम पंचायत भवनों, खडंजे,नाली को नुकसान हुआ है 4.90 करोड की क्षति हुई है।
इसी प्रकार पूर्ति विभाग के 6 गोदामों मे नुकसान हुआ है। 3 करोड़ की क्षति, सहकारिता विभाग के गई भवन क्षति हुए हैं। 22 लाख का आंकलन किया गया है। शिक्षा विभाग के 56 विद्यालयों में क्षति हुई है। 2 करोड़ 50 लाख का क्षति का आंकलन किया है, बाल विकास में 39 परिसम्पत्तियों का नुकसान हुआ है जिसमे 80 लाख की क्षति, डेयरी में 35 लाख क्षति का प्राथमिक आंकलन किया है। वन विभाग को एक करोड 40 लाख क्षति का प्राथमिक आंकलन प्रस्तुत किया है।
संयुक्त सचिव संजीव जिन्दल ने कहा कि जहां जल भराव है, उन क्षेत्रों में पानी निकालने के साथ ही दवाओं का छिडकाव किया जाएं ताकि डेंगू व अन्य बीमारियों से बचा जा सके।
बैठक में भारत सरकार के टीम के सदस्य डॉ. विरेन्द्र सिह, पूजा जैन, अभय, राजेश कुमार, शशि भूषण तिवारी, विरेन्द्र सिह सहित सचिव आपदा प्रबन्धन एस मुरूगेशन, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी,परियोजना निदेशक अजय सिह, डीडीओ रमा गोस्वामी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भागीरथी जोशी, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बिजूलाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ललित मोहन जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी सहित सडक, विद्युत, पेयजल,नलकूप, सिचाई आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।