बरेली: अंग्रेजों के बनाए राजस्व विभाग के 11 अनुपयोगी कानून सरकार करेगी निरस्त

बरेली, अमृत विचार। अंग्रेजी हुकूमत में बनाए गए राजस्व और आवास विभाग के 11 कानूनों को निरस्त कर राज्य सरकार आमजन को बड़ी राहत देने की तैयारी में लगी है। ये कानून (अधिनियम) वर्ष 1845 से लेकर 1917 के बीच में बनाए गए थे। सरकार इन्हें अब अप्रचलित और अनुपयोगी मान रही है। राजस्व परिषद ने …
बरेली, अमृत विचार। अंग्रेजी हुकूमत में बनाए गए राजस्व और आवास विभाग के 11 कानूनों को निरस्त कर राज्य सरकार आमजन को बड़ी राहत देने की तैयारी में लगी है। ये कानून (अधिनियम) वर्ष 1845 से लेकर 1917 के बीच में बनाए गए थे। सरकार इन्हें अब अप्रचलित और अनुपयोगी मान रही है। राजस्व परिषद ने कानूनों को निरस्त करने से पहले बरेली समेत सभी जनपदों में इन कानूनों से संबंधित आयुक्त, जिलाधिकारी, एसडीएम व एसीएम के न्यायालयों में विचाराधीन वादों की रिपोर्ट मांगी है।
राजस्व परिषद आयुक्त की ओर से उप भूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्म लाल वर्मा ने बरेली मंडलायुक्त समेत सभी मंडलों में पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि 11 अधिनियम/एक्ट को निरसित (निरस्त) करने के लिए अधिनियमों से संंबंधित वादों की वर्तमान स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी गई, जो अभी तक अप्राप्त है। उन्होंने जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है।
ये कानून ((अधिनियम) हैं जो निरस्त होंगे
-राजस्व बकाया के लिए भूमि की बिक्री 1845
– किराया वसूली अधिनियम 1853
-सीमा अधिनियम 1847
-बंजर भूमि दावा अधिनियम 1863
-अवध एस्टेट एक्ट 1869
– अवध तालुकदार राहत अधिनियम 1870
-अवध के राजा अधिनियम 1887
-अवध के राजा अधिनियम 1888
-अवध के राजा वैधीकरण अधिनियम 1917
-संयुक्त प्रांत अधिनियम 1890
-डीओ एस्टेट एक्ट 1886
मंडल के जिलाधिकारियों से वादों के साथ अधिनियमों की प्रतियां भी मांगीं
मंडलायुक्त आर रमेश कुमार की ओर से अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के जिलाधिकारियों को 25 मई को पत्र लिखा। जिसमें कहा कि 11 अधिनियमों को निरस्त करने के संबंध में शासन स्तर से प्रचलित वादों की सूचना उपलब्ध करा दें। अधिनियमों की यदि प्रतियां जनपद कार्यालय में उपलब्ध हों तो उन्हें भी अपनी आख्या के साथ भेजें।
इधर, अपर आयुक्त प्रशासन के पत्र के क्रम में प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी नगर के साथ एसएलएओ, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम और द्वितीय, एएसडीएम और सभी एसडीएम को पत्र लिखा है। उसके साथ 11 अधिनियमों का पत्र सलंग्न करते हुए वादों की स्थिति की जानकारी मांगी है।
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