अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों के कानूनों की कोई जरूरत नहीं, हम अपने कानून खुद बनाएंगे : तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा

काबुल। तालिबान के एक नेता ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों के कानूनों की कोई जरूरत नहीं है और जब तक शरिया कानून प्रभावी हैं, तब तक लोकतंत्र का अस्तित्व नहीं है। तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने कंधार स्थित ईदगाह मस्जिद में ईद-उल-फितर पर उपदेश देते हुए यह टिप्पणी की। इस उपदेश का 50 मिनट का ऑडियो तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया।
हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने इस्लामी कानूनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "पश्चिमी देशों के कानूनों की कोई जरूरत नहीं है। हम अपने कानून खुद बनाएंगे।" अखुंदजादा ने पश्चिम की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि गैर-मुसलमान मुसलमानों के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। तालिबानी नेता ने गाजा में इजराइल-हमास युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका एवं अन्य देशों ने मिलकर इस्लाम के प्रति शत्रुता दिखाई है।
हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने कहा कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र समाप्त हो चुका है और शरिया लागू है। तालिबान ने अफगान महिलाओं और लड़कियों पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें शिक्षा, कई नौकरियों और अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने से वंचित कर दिया गया है। इस तरह के कदमों ने तालिबान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग कर दिया है लेकिन उसने चीन और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।
ये भी पढे़ं : ईरान ने ट्रंप के पत्र के जवाब में अमेरिका के साथ सीधी बातचीत को किया खारिज