डीके शिवकुमार बोले- केंद्र सरकार ने हमारे मुद्दों का समाधान नहीं किया तो करेंगे प्रदर्शन, कर हस्तांतरण और सहायता अनुदान में कर रहा 'अन्याय'

डीके शिवकुमार बोले- केंद्र सरकार ने हमारे मुद्दों का समाधान नहीं किया तो करेंगे प्रदर्शन, कर हस्तांतरण और सहायता अनुदान में कर रहा 'अन्याय'

बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कर हस्तांतरण और सहायता अनुदान में केंद्र सरकार द्वारा राज्य के साथ ''अन्याय'' का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन एक शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि राज्य के लोगों की आवाज है।

राज्य में कांग्रेस अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाल रहे शिवकुमार ने कहा कि अगर चीजें इसी तरह जारी रहीं और केंद्र सरकार ने मुद्दों का समाधान नहीं किया तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ लड़ेगी और इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक की सड़कों पर प्रदर्शन करेगी।

सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों सहित कर्नाटक में कांग्रेस के विधायकों और सांसदों ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि केंद्र सरकार 15वें वित्त आयोग के तहत पांच वर्षों के दौरान राज्य को कथित तौर पर हुए 1,87,000 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करे।

शिवकुमार ने इस सवाल पर कि क्या यह शक्ति प्रदर्शन है, कहा,''यह प्रदर्शन ताकत दिखाने के लिए नहीं है। कर्नाटक के लोग अपनी ताकत नहीं दिखाना चाहते। यह कर्नाटक की आवाज है जहां अन्याय हुआ है। सात करोड़ लोग हर दिन टैक्स दे रहे हैं और हमें केवल 13 प्रतिशत मिल रहा है। हम अपना हिस्सा चाहते हैं।''

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में 'पीटीआई-वीडियो' से कहा,''सिर्फ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में ही नहीं बल्कि हर चीज में राज्य की उचित हिस्सेदारी नहीं है।'' शिवकुमार ने अपर भद्रा सहित राष्ट्रीय स्तर पर घोषित की गई कई परियोजनाओं पर केंद्र सरकार से कथित तौर पर धन नहीं मिलने पर कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को इसका जवाब देना होगा जो कर्नाटक से राज्यसभा की सदस्य हैं। उन्होंने सवाल उठाया,''कुछ भी नहीं दिया गया।

वित्त आयोग ने कहा था कि 6,000 करोड़ रुपये दिए जाने हैं (बेंगलुरु में जल निकायों और परिधीय रिंग रोड के विकास के लिए) वह भी नहीं दिए गए। निर्मला सीतारमण क्या कर रही हैं?'' संसद में वित्त मंत्री के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि कर्नाटक सरकार गारंटी पर पैसा खर्च कर रही है और अब उसके पास प्रशासन चलाने के लिए कोई धन नहीं बचा है, उन्होंने कहा,''गारंटी और यह मुद्दा अलग है, वे (केंद्र) हमारा पैसा दें और हम कर्नाटक के लोगों की इच्छा से जैसे खर्च करना होगा उस तरह से करेंगे।''

शिवकुमार से जब पूछा गया कि अगर चीजें इसी तरह जारी रहीं तो आगे क्या होगा तो उन्होंने कहा,"हम इससे लड़ेंगे, हम इसे लेकर कर्नाटक की सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे" शिवकुमार ने अपने भाई और बेंगलुरु ग्रामीण से कांग्रेस सांसद डी. के. सुरेश की "अलग राष्ट्र" वाली टिप्पणी पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "कोई विवाद नहीं है, यह एक सच्चाई है।

लोग सोच रहें हैं कि हमें दरकिनार किया जा रहा है, बस इतना ही है।" सुरेश ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि दक्षिण से एकत्र करों को उत्तर भारत में वितरित किया जा रहा है और दक्षिणी क्षेत्र को उनका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। यदि इस 'अन्याय' में सुधार नहीं किया गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग राष्ट्र की मांग करने के लिए मजबूर होंगे।

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