नागपंचमी पर महाकालेश्वर और नागचंदेश्वर मंदिर के दर्शनार्थियों की व्यवस्था होगी अलग-अलग 

नागपंचमी पर महाकालेश्वर और नागचंदेश्वर मंदिर के दर्शनार्थियों की व्यवस्था होगी अलग-अलग 

उज्जैन। मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं प्राचीन नगरी उज्जैन में इस वर्ष नागपंचमी पर्व के मौके पर देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर एवं नागपंचमी पर्व पर वर्ष में एक दिन 24 घंटे के लिए खुलने वाले भगवान नाग चंदेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों को अलग-अलग दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।

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देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख एवं प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर का मंदिर के विशाल परिसर तीन खंड में विभक्ति है। सबसे नीचे भगवान महाकालेश्वर, दूसरे खंड में ओंकारेश्वर एवं तीसरे खंड में नागचंदेश्वर का मंदिर स्थित है और नागचंदेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक दिन केवल 24 घंटे के लिए नागपंचमी पर खुलते हैं।

इस वर्ष नागपंचमी पर्व 21 अगस्त को है और उसी दिन श्रावण सोमवार भी होने के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रबंध समिति ने भगवान महाकालेश्वर एवं नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शनार्थियों के लिए पृथक पृथक व्यवस्था की है। मंदिर सूत्रों ने बताया कि नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिमा 11वीं शताब्दी की बताई जाती है। यह इकलौता मंदिर है, जहां शिवजी दशमुखी सर्प के साथ विराजित हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर में दशमुखी सर्प के साथ विराजित है। यह मंदिर 20 अगस्त की रात 12 बजे खुलेंगे श्री नागचंद्रेश्वर के पट वर्ष में एक बार खुलने वाले श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 20 अगस्त 2023 रविवार की रात्रि 12 बजे शासकीय पूजा अर्चना के बाद खोले जाएंगे, जो कि 21 अगस्त की रात 12 बजे तक कुल 24 घंटे खुले रहेंगे। इक्कीस अगस्त को इसी दिन श्रावण सोमवार होने के कारण भगवान महाकालेश्वर की सवारी भी निकलेगी।

श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में आने की संभावना के मद्देनजर आज नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर एवं भगवान महाकालेश्वर के दर्शन सुगमता से हो सके, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिये कि समय पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जायें। नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिये पृथक एवं भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिये पृथक से प्रवेश दिया जायेगा।

मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि भील धर्मशाला पर जूता स्टैण्ड बनाकर श्रद्धालुओं को गंगा गार्डन वाले रास्ते से हरसिद्धि मन्दिर के जिकजेक में लाया जायेगा। यहां से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को जिकजेक में से होकर हरसिद्धि मन्दिर के सामने से होकर बड़ा गणेश व बड़ा गणेश के सामने 4 अथवा 5 नम्बर गेट से प्रवेश दिया जायेगा। इसके आगे श्रद्धालु एयरो ब्रिज से होकर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे।

दर्शन उपरांत हरसिद्धि मन्दिर, झालरिया मठ होकर जूता स्टेण्ड पर पहुंचेंगे। इसी तरह भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को हरसिद्धि जिकजेक से त्रिवेणी संग्रहालय एवं त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल लोक होकर मानसरोवर प्रवेश द्वार से होकर दर्शन करवाये जायेंगे। प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक बेरिकेट्स का आंकलन कर अन्य जिलों से बेरिकेट मंगवाने, एयरो ब्रिज की मजबूती का परीक्षण कर प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिये हैं।

इसी तरह महाकालेश्वर मन्दिर में आंतरिक विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, मन्दिर के अन्दर एवं बाहर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। नगर निगम को हरसिद्धि मन्दिर के सामने की ओर अनाधिकृत हाथठेले एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गये हैं।

श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति एवं नगर निगम को श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त पेयजल व्यवस्था करने, सीएमएचओ को डॉक्टर्स की टीम एवं एम्बुलेंस की तैनाती करने के लिये निर्देशित किया गया है। श्रद्धालुओं के लिये पूछताछ काउंटर एवं पर्याप्त संख्या में लड्डू प्रसाद काउंटर लगाये जायेंगे। नगर निगम को अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित करने के लिये भी कहा है।

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