बिजनौर: गुलदार को तलाशने में सात बीघा गन्ने की फसल नष्ट
गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का किया घेराव, नोकझोंक

बिजनौर/रेहड़, अमृत विचार। रेहड़ क्षेत्र के गांव मच्छमार के जंगल में वन विभाग की टीम ने गुलदार पकड़ने में सफलता नहीं मिली। विभाग द्वारा रामपुर से मंगाया गया पेट्रोलिंग ट्रैक्टर भी रात में खराब हो गया। मंगलवार सुबह जेसीबी से गुलदार की तलाश की गई, जिससे किसान की सात बीघा गन्ने की फसल खराब हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का घेराव कर लिया। ग्रामीणों और टीम के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि रात में दो-तीन बार गुलदार खेत में लगाए गए जाल के पास आया था। वन विभाग की टीम ने रात में ट्रेंक्यूलाइज (बेहोश) करने की अनुमति न होने का हवाला देते हुए गुलदार को ट्रेंक्यूलाइज नहीं किया। वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते रात में ही गुलदार खेत से निकल कर भाग गया और टीम वहीं उसकी तलाश करती रही। गुलदार के न पकड़े जाने से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने घटनास्थल पर ही वन विभाग की टीम का घेराव किया। सूचना पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
दूसरी ओर किसान देवेंद्र सिंह के गन्ने के खेत में सोमवार और मंगलवार सुबह से पेट्रोलिंग ट्रैक्टर और जेसीबी चलाए जाने से सात बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों ने उसे मुआवजा दिलाने की मांग की है। देवेंद्र ने गांव के ही टेकचंद का खेत ठेके पर ले रखा है। उसने बताया कि गन्ने की फसल खराब होने से उसका लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचें लेखपाल ने नष्ट हुई गन्ने की फसल का निरीक्षण किया और पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाए जाने की बात कही।
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