बकरीद 2022: बकरा सुल्तान, अर्तुगुल, टीपू हैं आम के शौकीन, खूबसूरती बेमिसाल

गोरखपुर। ईद- उल- अजहा (बकरीद) पर्व 10 जुलाई को है, कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोर शोर से हो रही है। गली, मोहल्ले व बाज़ार में कुर्बानी के बकरे बिक रहे हैं। जामा मस्जिद उर्दू बाजार के निकट, इलाहीबाग, रेती, खूनीपुर, मछली दफ्तर के निकट बकरों का बाज़ार हर रोज सज रहा है। बाजार …
गोरखपुर। ईद- उल- अजहा (बकरीद) पर्व 10 जुलाई को है, कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोर शोर से हो रही है। गली, मोहल्ले व बाज़ार में कुर्बानी के बकरे बिक रहे हैं। जामा मस्जिद उर्दू बाजार के निकट, इलाहीबाग, रेती, खूनीपुर, मछली दफ्तर के निकट बकरों का बाज़ार हर रोज सज रहा है।
बाजार में करीब 8 हजार रुपये से लेकर 30, 50, 60 व 90 हजार रुपये तक में बकरे बिक रहे हैं। महंगाई का असर बकरा बाजार पर साफ नज़र आ रहा है। इस बार भाव में थोड़ी तेजी है।
मोहल्ला घोसीपुर में करीब 85000 रुपये के सुल्तान, अर्तुगुल व टीपू नाम के तीन बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। तीनों देसी नस्ल के हैं। एक बकरा सफेद, एक चितकबरा व एक लाल रंग का है। तीनों कद काठी, वजन व खूबसूरती के लिहाज से जरा हटके हैं। तीनों बकरों की खूब आवभगत हो रही है। तीनों बकरे आम, नमकीन व बिस्कुट के बहुत शौकीन हैं। गुठलियों सहित चूस-चूस कर आम का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं।
घोसीपुर मोहल्ले के सैयद मो. काशिफ चंटू के घर तीनों बकरों की चहल कदमी जारी है। यहीं के एक व्यापारी से इन बकरों को खरीदा गया है। सुल्तान व अर्तुगुल करीब 60000 रुपये का तो वहीं टीपू करीब 25000 रुपये का है। प्रत्येक बकरे का वजन 60 से 70 किलो के बीच है। तीनों बकरों के खानपान का खास ख्याल रखा जा रहा है। बकरों के खानपान पर ठीक-ठाक खर्चा किया जा रहा है। आकर्षक कद काठी, वजन व रंग की वजह से तीनों बकरे देखने में भी बहुत आकर्षित लग रहे हैं।
हर बार बाजार में देसी, तोतापरी, बरबरी, सिरोही, जमुनापरी, राजस्थानी आदि नस्ल के बकरे बिकने के लिए आते हैं। बहराइच, बाराबंकी, इटावा, कानपुर, फतेहपुर, सीतापुर, मऊ, खलीलाबाद, नौगढ़, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, भभुआ आदि जिलों से बकरे बिकने के लिए गोरखपुर के बाजार में आ रहे हैं।
सैयद नदीम अहमद व शादाब सिद्दीकी ने बताया कि ईद-उल-अजहा के मौके पर मुसलमान बड़ी संख्या में जानवरों की कुर्बानी करते हैं। दीन-ए- इस्लाम में कुर्बानी देना वाजिब है। वहीं कुर्बानी रोजगार का बहुत बड़ा जरिया भी है। ईद-उल-अजहा के लिए शहर में बकरों का बाजार सजा हुआ है।
गली मोहल्ले के घरों से बकरों की आवाज आने लगी है। जल्द ही शाह मारूफ, गाजी रौजा, रहमतनगर, तुर्कमानपुर, उंचवा, अस्करगंज, जाफरा बाजार, बक्शीपुर, रसूलपुर, दीवान बाजार, गोरखनाथ सहित तमाम जगहों पर बड़े जानवरों (भैंस) का बाज़ार गुलजार होगा।
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