बरेली: बाढ़ आपदा में कमी लाने को उत्तराखंड के डैम में पीओपी तैयार

अमृत विचार, बरेली। उत्तराखंड के डैम में अब दरार नहीं पड़ेगी। सिंचाई विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके पीओपी और पीआरडब्ल्यू कार्य कराया है। दोनों ही कार्य होने से अब बाढ़ में आने वाली आपदा से भी लोगों को राहत मिलेगी। अधिकारियों का दावा है कि अब पहाड़ से आने वाले पानी को वह पहले …
अमृत विचार, बरेली। उत्तराखंड के डैम में अब दरार नहीं पड़ेगी। सिंचाई विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके पीओपी और पीआरडब्ल्यू कार्य कराया है। दोनों ही कार्य होने से अब बाढ़ में आने वाली आपदा से भी लोगों को राहत मिलेगी। अधिकारियों का दावा है कि अब पहाड़ से आने वाले पानी को वह पहले की अपेक्षा ज्यादा दिनों तक स्टोर कर सकते हैं। साथ ही जरूरत के हिसाब से उसे रिलीज कर सकते हैं।
उत्तराखंड के नानकसागर और बेगुल डैम में पीआरडब्लू (प्रेशर रिलीज बैल) और पीओपी (प्रेशर ऑब्जरवेशन पाइप) लगाए गए हैं, ताकि पहाड़ से आने वाले पानी को डैम में ज्यादा दिनों तक स्टोर किया जा सके। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि पीआरडब्लू और पीओपी के अभाव में बारिश में पहाड़ से आने वाले पानी को ज्यादा दिनों तक स्टोर नहीं किया जा सकता था। साथ ही डैम के अंदर के श्रोत भी स्वयं फूटने की संभावना बनी रहती है।
डैम के अंदर के श्रोत फूटने के कारण पानी का प्रेशर बढ़ जाता है और डैम में दरार आने का खतरा भी रहता था। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने दोनों डैम में उक्त कार्य को कराया गया है। डैम में हाई पावर के पीआरडब्लू तथा प्रेशर ऑब्जरवेशन पाइप लगाए गए हैं, ताकि डैम के अंदर पानी में प्रेशर न बने।
इसके साथ ही जब नहरों में पानी को छोड़ा जाए तो पहले की अपेक्षा अधिक प्रेशर से पानी छोड़ा जा सके और टेल तक पानी पहुंचे। पानी के स्टोर होने से उसका दबाव डैम की दीवार पर नहीं पड़ेगा। पानी का प्रेशर नीचे की ओर छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों ही डैम में हुए कार्य में आठ लाख रुपये की धनराशि खर्च हुई है। कार्य पूर्ण हो चुका है और इसका निरीक्षण भी हो चुका है।
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