अयोध्या: नहीं चेते तो 11वीं किस्त से हाथ धो बैठेंगे किसान, ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि

अयोध्या। अगर आप किसान हैं तो यह आपसे जुड़ी हुई खबर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को अगर 11वीं किस्त लेनी है तो उन्हें 31 मार्च तक अपने पंजीकरण की ई-केवाईसी करानी होगी। जनपद में इस योजना का लाभ तकरीबन 3.6 लाख किसान उठा रहे हैं। हालांकि अभी विभाग …
अयोध्या। अगर आप किसान हैं तो यह आपसे जुड़ी हुई खबर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को अगर 11वीं किस्त लेनी है तो उन्हें 31 मार्च तक अपने पंजीकरण की ई-केवाईसी करानी होगी। जनपद में इस योजना का लाभ तकरीबन 3.6 लाख किसान उठा रहे हैं। हालांकि अभी विभाग को भी जानकारी नहीं है कि कितने किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इसलिए विभाग ब्लॉक वाइज टीम बनाकर किसानों को जागरूक करने का काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य देश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ह। योजना की शुरुआत के समय सिर्फ उन किसानों को ही लाभ मिल रहा था, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम कृषि योग्य भूमि थी। बाद में इस योजना से इस शर्त को हटा दिया गया। योजना के तहत सभी रजिस्टर्ड किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि किसानों के खाते में दो हजार रुपये की तीन किस्तों में जारी की जाती है।
किसानों के खाते में ये किस्तें हर चार महीने के अंतराल पर ट्रांसफर की जाती है। डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लाभार्थियों को 31 मार्च तक ई-केवाईसी करानी होगी। नहीं तो किसान सम्मान निधि आना बंद हो जाएगी। हमारे विभाग की टीम भी लगी हुई है। हर ब्लॉक में 8 से 9 लोग किसानों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। लगभग 3.6 लाख लाभार्थी योजना का लाभ उठा रहे हैं। सबसे अधिक लाभार्थी रुदौली तहसील में हैं।
किस तहसील में कितने लाभार्थी
तहसील लाभार्थी
1- रुदौली 68, 471
2-सदर 67,681
3-मिल्कीपुर 62,173
4-बीकापुर 59,501
5-सोहावल 49,112
खुद के मोबाइल फोन से ऐसे करें ई-केवाईसी
पीएम किसान पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद स्क्रीन पर कैप्चा का आॅप्शन दिखाई देगा, जिसे दर्ज कर, आगे अपना मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो उसे डाल दें। इसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। उस ओटीपी को वहां दर्ज कर सब्मिट का बटन दबाने पर ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी। जिन्होंने पहले से करा रखा है उनका ई-केवाईसी ऑलरेडी डन दिखाएगा। जिन्हें मोबाइल में दिक्कत है वे जनसेवा केंद्र जाकर बायोमैट्रिक तरीके से अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं।
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