बुलंदशहर: एकीकृत बागवानी योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती को प्रोत्साहन

बुलंदशहर: एकीकृत बागवानी योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती को प्रोत्साहन

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में परंपरागत खेती के स्थान पर लाभकारी खेती करने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने रविवार को बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आमदनी में वृद्धि करने के …

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में परंपरागत खेती के स्थान पर लाभकारी खेती करने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने रविवार को बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आमदनी में वृद्धि करने के लिए परंपरागत खेतीके स्थान पर लाभकारी फसलों की खेती करने पर जोर दिया जा रहा है, इसके लिए कई प्रकार की योजनाएं चल रही हैं।

उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की फसल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, इसके लिए 50 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देने का निर्णय सरकार ने लिया है। सरकार के आदेश पर ही जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू कराई गई है।

सहानियां ने बताया कि अनूपशहर क्षेत्र के गांव बगसरा के पांच किसानों ने योजना के तहत स्ट्रॉबेरी की फसल उगाने की तैयारी पूर्ण कर ली है जिन किसानों ने स्ट्रॉबेरी की फसल अपने खेतों में बोई है उनमें रोहित शर्मा प्रमोद कुमार राजेश कुमार विटू शर्मा और सुमन देवी शामिल हैं। सभी पांच किसानों को अनुदान राशि के रूप में 50000 रूपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उनके बैंक खाते में उपलब्ध करा दिया गया है।

उन्होने बताया कि कम जमीन वाले किसानों के लिए स्ट्रॉबेरी की खेती एक बेहतर विकल्प है जिसके तहत किसान कम लागत और कम परिश्रम से स्ट्रॉबेरी का अधिक उत्पादन कर मुनाफा अर्जित कर सकेंगे। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों को तकनीकी जानकारी भी विभाग द्वारा दी जा रही है।

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