विधानसभा चुनाव 2022: कैंट विधानसभा का चुनावी समीकरण, कौन करेगा इस सीट का प्रतिनिधित्व?

विधानसभा चुनाव 2022: कैंट विधानसभा का चुनावी समीकरण, कौन करेगा इस सीट का प्रतिनिधित्व?

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 का आगाज हो चुका है सभी दलों के नेता जनता को लुभाने, साथ निभाने जैसे वादे और सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को कमजोर करने की तमाम तरकीबें आजमाने में लगे हुए हैं। हालांकि हर विधानसभा के अपने-अपने समीकरण तथा विकास के मुद्दे हैं जिस पर जनता अपना विधायक …

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 का आगाज हो चुका है सभी दलों के नेता जनता को लुभाने, साथ निभाने जैसे वादे और सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को कमजोर करने की तमाम तरकीबें आजमाने में लगे हुए हैं। हालांकि हर विधानसभा के अपने-अपने समीकरण तथा विकास के मुद्दे हैं जिस पर जनता अपना विधायक चुनती है।

ऐसे ही कैंट विधानसभा बरेली जिले का एक हिस्सा है। बरेली शहर की इस सीट पर सभी प्रत्याशियों की नजरें गढ़ी रहती हैं और इस सीट पर सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन भी करवाया है। 2017 के चुनाव में राजेश अग्रवाल ने यहां से 88,441 वोट प्राप्त करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार मुजाहिद हसन को मात दी थी।

सीट का इतिहास
इस विधानसभा में पहला चुनाव 1957 में हुआ था। अब तक इसमें कुल 16 चुनाव हो चुके हैं। खास बात ये है कि इस क्षेत्र की जनता ने बारी-बारी सभी राजनीतिक दलों को इस सीट पर राज करने का मौका दिया है। कैंट सीट पर सात बार कांग्रेस ने जीत हासिल की, दो बार सपा ने परचम लहराया। फिर इस सीट पर भाजपा का कब्जा हो गया।

Rajesh Agarwal

2017 विधानसभा चुनाव के आंकड़े
2017 के चुनाव में शहर विधानसभा से चार बार विधायक रहे भाजपा नेता राजेश अग्रवाल ने यहां से चुनाव लड़कर कांग्रेस के मुजाहिद हसन खान को 12664 वोटों से शिकस्त दी थी और विधायक का ताज अपने सर लिया था। राजेश अग्रवाल ने यहां से 88,441 वोट प्राप्त किए थे, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मुजाहिद हसन ने 75,777 वोट हासिल किए थे और बहुजन समाज पार्टी के कैंडिडेट ने इस सीट से तीसरे नंबर पर रहते हुए कुल 14,239 वोट प्राप्त किए थे। जीत हासिल करने के बाद राजेश अग्रवाल को पार्टी कोषाध्यक्ष बना दिया गया था।

क्या हैं होने वाले चुनाव के समीकरण
इस बार भाजपा ने राजेश अग्रवाल को यहां से टिकट ने देकर संजीव अग्रवाल को प्रत्याशी के रूप में उतारा है, तो समाजवादी पार्टी ने भी उन्हें टक्कर देने के लिए पूर्व मंत्री प्रवींण सिंह ऐरन की पत्नी पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन को यहां से उम्मीदवार चुना है। वहीं कांग्रेस ने भी यहां से वर्तमान पार्षद के शौहर हाजी इस्लाम बब्बू को कैंडिडेट के रूप में उतारा है। बसपा ने यहां से अनिल कुमार वाल्मीकि पर भरोसा जताया है। इसी के साथ कई अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों ने और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी इस सीट से नामांकन करवाया है।

Sanjeev Agarwal

समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार सुप्रिया ऐरन का टिकट पहले कांग्रेस से क्लियर हुआ था लेकिन ठीक 2 से 3 दिन बाद सुप्रिया ऐरन ने लखनऊ जाकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और कैंट सीट का टिकट लेकर बरेली पहुंच गईं। साथ ही जोरों शोरों से चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दीं। समाजवादी पार्टी के सभी संभावित प्रत्याशी कैंट सीट के टिकट का सपना ही देखते रह गए। अब देखना ये है की इस बार कैंट विधानसभा के विधायक का ताज जनता किसके सर पर रखेगी। हालांकि सभी पार्टी अपना-अपना जोर लगा रही हैं लेकिन जनता की मानें तो टक्कर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच में ही देखी जा रही है।

Supriya Aron & Praveen Singh Aron

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