68.80 करोड़ से संवारे जा रहे अयोध्या के ऐतिहासिक मठ-मंदिर
प्रवेश द्वारों पर चित्रकारी व होगी फसाड लाइटिंग

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर निर्माण के साथ यहां के ऐतिहासिक व पौराणिक मठ-मंदिरों व भवनों को संवारने की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि इनके प्रवेश द्वारों पर चित्रकारी व आधुनिक फसाड लाइटिंग होगी। उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम 68.80 करोड़ की लागत से 37 धार्मिक स्थलों के फसाड ट्रीटमेंट एवं पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास और निर्माण कार्य करा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन पौराणिक स्थलों के पुनरुद्धार में तत्कालीन समय में प्रयोग किए गए निर्माण सामाग्रियों यथा चूना सुर्खी आदि का प्रयोग किया जा रहा है। पौराणिक स्थलों/मठ-मंदिरों एवं आश्रमों में साइनेज भी लगाए जाएंगे। जिस पर उनके पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्वों को उकेरा जाएगा। उन्होंने अन्य स्थानों पर भी समन्वय स्थापित कर कार्यदायी संस्था को शीघ्र कार्य शुरू करने और गुणवत्तापूर्ण ढंग से समस्त कार्यों को दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिया है।
ये प्रमुख मठ-मंदिर हैं शामिल
जानकी घाट, बड़ा स्थान, दशरथ भवन मंदिर, मंगल भवन, अक्षरी मंदिर, राम कचेहरी मंदिर, सियाराम किला, दिगम्बर अखाड़ा, तुलसी चैराहा मंदिर, भारत किला मंदिर, हनुमान मंदिर, कालेराम मंदिर, नेपाली मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर, मौर्य मंदिर, राम गुलेला मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, तिवारी मंदिर, वेद मंदिर, मणिराम दास छावनी मंदिर, बरेली मंदिर, रंग महल मंदिर, टेढ़ीयाती महादेव मंदिर, राम पुस्तकालय मंदिर, विद्या देवी मंदिर, देवीकाली कुण्ड मंदिर, रत्न सिंहासन मंदिर आदि प्रमुख हैं।
यह भी पढ़ें: PM मोदी 12 को जाएंगे उत्तराखंड, दर्शन-पूजन के साथ करेंगे कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास