हल्द्वानीः तो क्या सरकारी चिकित्सकों को मिलेगी निजी प्रैक्टिस की छूट, नॉन प्रैक्टिस एलाउंस समाप्त करने पर मंथन 

हल्द्वानीः तो क्या सरकारी चिकित्सकों को मिलेगी निजी प्रैक्टिस की छूट, नॉन प्रैक्टिस एलाउंस समाप्त करने पर मंथन 

हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों का नॉन प्रैक्टिस एलाउंस (एनपीए) समाप्त करने पर मंथन कर रही है। ऐसे में सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस करने की अनुमति मिलने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं। हालांकि, एनपीए खात्मे का फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है।

सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी है। प्रदेश सरकार कई बार नियुक्तियां निकाल चुकी है, लेकिन रिक्तियों पर भर्ती नहीं हो पाई हैं। इसकी एक वजह सरकारी के बजाय निजी प्रैक्टिस में अधिक मुनाफा होना माना जाता है। 

सरकार ने चिकित्सकों को सरकारी नौकरी की तरफ रुझान बढ़ाने को नॉन प्रैक्टिस एलाउंस देना शुरू किया। इसमें मूल वेतन की 20 प्रतिशत रकम दी जाती है। इस एलाउंस को लेने वाले चिकित्सक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। 

इधर, सरकार चिकित्सकों को दिए जाने वाले एनपीए को समाप्त करने पर मंथन कर रही है। इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है, हालांकि इस पर निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस करने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। 

माना जा रहा है कि सरकारी ड्यूटी के बाद चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करेंगे। इससे उनकी आय में भी बढ़ोत्तरी होगी और रिक्त पदों में भर्तियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने भी एनपीए समाप्त करने के प्रस्ताव तैयार करने की पुष्टि की है।