लखनऊ : केजीएमयू में चिकित्सा शिक्षा विभाग करा रहा था काउंसलिंग, डॉक्टरों ने किया बायकॉट

लखनऊ, अमृत विचार । केजीएमयू के कलाम सेंटर में आज हो रही काउंसलिंग के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाते हुये डॉक्टरों ने हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब दो घंटे तक काउंसलिंग का कार्य ठप्प रहा। आक्रोशित चिकित्सक डीजीएमई से बात करने पर अड़े हुये थे,तो वहीं काउंसलिंग करा रहे …
लखनऊ, अमृत विचार । केजीएमयू के कलाम सेंटर में आज हो रही काउंसलिंग के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाते हुये डॉक्टरों ने हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब दो घंटे तक काउंसलिंग का कार्य ठप्प रहा। आक्रोशित चिकित्सक डीजीएमई से बात करने पर अड़े हुये थे,तो वहीं काउंसलिंग करा रहे अफसर अपनी जिद पर अड़े रहे,आरोप यहां तक है कि अफसर काउंसलिंग छोड़कर चले गये। हालांकि दो घंटे बाद काउंसलिंग दोबारा से शुरू हुई ।
दरअसल,उत्तर प्रदेश में पीजी कर चुके स्टूडेंट के लिए दो साल का सीनियर रेजीडेंट शिप करना जरूरी कर दिया गया था। इसी के तहत आज केजीएमयू के कलाम सेंटर में काउंसलिंग चल रह थी।
बताया जा रहा है कि आज काउंसलिंग के दौरान जब मेडिसन विभाग की काउंसलिंग शुरू हुई,उसके बाद सारा विवाद शुरू हुआ, केजीएमयू स्थित सुपरस्पेशलिटी विभागों जैसे क्रिटिकल केयर मेडिसिन,गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजीडेंटस की सीटें अचानक बढ़ा दी गयीं,जबकि जिलों में स्थित मेडिकल कालेज की सीटे कम कर दी गयीं,जिसके वजह से पूरा हंगामा शुरू हुआ । आरोप था कि काउंसलिंग के दौरान जो सीटें दिखाई जा रही थी,बाद में उनकों भी कम कर दिया गया था। इस दौरान काउंसलिंग में शामिल होने आये डॉक्टरों ने काउंसलिंग का बायकॉट कर दिया ।
बताया जा रहा है कि केजीएमयू की तरफ से डीजीएमई से एक अनुरोध किया गया था,जिसमें कहा कि केजीएमयू स्थित क्रिटिकल केयर में एसआर के लिए स्टूडेंट कम मिल पाते हैं। इस वजह से सीटों में कुछ बदलाव किये गये थे। जिससे कहीं का काम बाधित न हो,इसमें पूरी पारदर्शिता रखी गयी थी।
डीजीएमई श्रुति सिंह ने बताया कि काउंसलिंग थोड़ी देर के लिए हंगामें के चलते बाधित हुई थी,बाद में काउंसलिंग शुरू हो गयी। इसके बाद भी किसी को कोई समस्या आती है,तो उसका भी निदान नियमानुसार किया जायेगा।
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