बिजनौर : प्रधानों ने तहसीलदार के खिलाफ खोला मोर्चा, निलंबन की मांग

बिजनौर, अमृत विचार। फोन पर प्रधान को गाली देने वाले तहसीलदार का आडियो वायरल होने के बाद प्रधानों में आक्रोश फैल गया। प्रधान संघ ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में पहुंचकर तहसीलदार के निलंबन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। गुरुवार को जिले भर के प्रधान अखिल भारतीय प्रधान संगठन …
बिजनौर, अमृत विचार। फोन पर प्रधान को गाली देने वाले तहसीलदार का आडियो वायरल होने के बाद प्रधानों में आक्रोश फैल गया। प्रधान संघ ने गुरुवार को कलक्ट्रेट में पहुंचकर तहसीलदार के निलंबन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
गुरुवार को जिले भर के प्रधान अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले जिलाध्यक्ष सचिन मलिक के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। गुस्साए प्रधानों ने डीएम की गैरमौजूदगी में एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंप कर तहसीलदार नगीना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तहसीलदार अनुराग ठाकुर ने फोन पर प्रधान को गाली दी है। जिससे प्रधानों में आक्रोश है। गाली देने का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में तहसीलदार प्रधान को अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। तहसीलदार प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
आडियो वायरल होने के बाद जिले भर के प्रधानों में आक्रोश फैल गया है। प्रधान संघ ने डीएम की गैरमौजूदगी में एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपते हुए तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जनप्रतिनिधि को गाली देने के बाद जिले भर के प्रधान इस घटना से आहत हैं। प्रधानों ने कार्रवाई न होने पर प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी दी है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सचिन मलिक का कहना है कि जनप्रतिनिधि के साथ तहसीलदार की ऐसी बेतुकी हरकत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। नियमानुसार काम करने पर भी प्रधान के खिलाफ उल्टा मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। जिसमें प्रधान को बर्बाद करने की धमकी दी गई है।
क्या है पूरा मामला
कब्रिस्तान की भुमि से बिना अनुमति के पेड़ काटकर बेचने की शिकायत गांव के ही कुछ लोगो ने की थी। जिसपर तहसीलदार की ओर से रोक लगाते हुए पेड़ों को प्रधान को सुपुर्द किया गया था। जिसके बाद कमेटी की ओर से अधिकारियों को पेड़ काटने की अनुमति सहित वैध दस्तावेज दिखाये गये थे। बाद में एसडीएम नगीना की ओर से कोतवाली देहात के कोतवाल को दोनों पक्षों को बुलाकर मामला निस्तारण कराने के आदेश दिये थे। जिसपर पुलिस की ओर से प्रधान की सुपुर्दगी में रखे पेडों को कमेटी के हवाले करा दिया था। इसी बात से नाराज होकर तहसीलदार और प्रधान के बीच बातचीत की आडियो वायरल हो गयी। जिसके बाद हंगामा खडा हो गया है।
प्रधान सहित तीन पर मुकदमा
लेखपाल देवेंद्र कुमार की तहरीर पर कोतवाली देहात थाने में प्रधान सहित तीन लोगों के खिलाफ धारा 420, 3/4 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 एवं 4/10 भारतीय वन अधिनियम 1927 में पंजीकृत कराया गया है। लेखपाल ने तहरीर में आरोप लगाया है कि सरकारी कागजात में कब्रिस्तान दर्ज है जो ग्राम सभा भुमि के अर्न्तगत आता है। जिसमें विभिन्न प्रजाति के पेड खडे हैं। इस भुमि में खडे पेडों को न काटने के सम्बन्ध में नगीना कोर्ट में नगीना वक्फ बनाम मो. जफर आदि के नाम से मुकदमा विचाराधीन है। जिसपर पांच फरवरी की तारीख नीयत है। भुमि विवादित होने के बाद 50 पेड कमेटी के अध्यक्ष मो उस्मान ने फईमुददीन को कटवा दिये हैं जो प्रधान फैसल की सुपुर्दगी में दिये गये थे। जिसे बाद में उठवा दिया गया। पुलिस ने कमेटी अध्यक्ष उस्मान, ठेकेदार फईमुददीन और प्रधान मों फैसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार ने मीडिया से बनाई दूरी
घटना के बाद तहसीलदार अनुराग ठाकुर ने मीडिया से दूरी बना ली है। इस सम्बन्ध में जब बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन सुनने के बाद काट दिया। उसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ है। तहसीलदार जवाब देने से परहेज कर रहे हैं