पीलीभीत: शासन ने बीएसए का स्पष्टीकरण किया तलब

अमृत विचार, पीलीभीत। शासन के निर्देश के बाद भी अशासकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय सीमा के अंदर निरस्तारण नहीं किया गया। जिसके चलते 11 मान्यता प्रकरण बिना किसी कार्रवाई के निरस्त हो गए। इस मामले में शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने ने बीएसए का स्पष्टीकरण …
अमृत विचार, पीलीभीत। शासन के निर्देश के बाद भी अशासकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय सीमा के अंदर निरस्तारण नहीं किया गया। जिसके चलते 11 मान्यता प्रकरण बिना किसी कार्रवाई के निरस्त हो गए। इस मामले में शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने ने बीएसए का स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण का जवाब 18 मई तक ई-मेल के माध्यम से देने के निर्देश दिए गए हैं।
शासकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को मान्यता बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा दी जाती है। इसको लेकर स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। इधर, सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों का तय समय में मान्यता दिए जाने संबंधी बेसिक शिक्षा विभाग की इन सेवाओं को राज्य सरकार ने उप्र जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 में शामिल करते हुए इसके लिए समय सीमा निर्धारित भी कर दी है। इधर, शासन ने बीएसए को पत्र भेजकर 31 मार्च सभी मान्यता संबंधी प्रकरणों का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। पत्र में यह भी कहा गया था कि यदि 31 मार्च तक मान्यता प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया गया।
वह स्वत: ही निरस्त हो जाएगें। इधर, 31 मार्च तक मान्यता प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया गया। इस सबके बावजूद इस मामले में कोई रुचि नहीं ली गई। जिसके चलते जनपद के 11 मान्यता संबंधी प्रकरण बिना किसी कार्रवाई के निरस्त कर दिए गए। इधर, शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए चंद्रकेश सिंह को पत्र भेजकर मान्यता संबंधी प्रकरणों में लापवाही बरतने पर स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने बीएसए को 18 मई तक स्पष्टीकरण ई-मेल के माध्यम से भेजने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में बीएसए से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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