सावन के महीने में करें महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जानें क्या है इन शिवलिंगों की महिमा

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सावन के इस पवित्र महीने में आज आपको महादेव के 12 तीर्थ स्थल के ज्योतिर्लिंग के बारे में बताते हैं और साथ ही अपको उन सभी शिवलिंगो के दर्शन भी करते हैं।Somnath Temple Gujarat History Know Who Destroyed Temple Who Built It Again  All Facts Here | Somnath Temple History: 6 क्रूर हमलों के बाद भी भव्यता के  साथ कायम है शिव का

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1-सोमनाथ (गुजरात):-

सोमनाथ मंदिर का ये मंदिर गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे स्थित हैं। इस विशाल और प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण स्वयं चंद्रदेव (Lord Chandra Dev) ने किया था। इस मंदिर का उल्लेख ऋग्वेद में भी हैं। मंदिर में स्थित शिवलिंग में रेडियो धर्मी (Radioactive) गुण हैं, जो कि पृथ्वी के ऊपर अपना संतुलन बनाए रखते हैं।

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सोमनाथ के इस विशाल मंदिर को न जाने कितनी बार कुछ लोंगो ने तोड़ने की कोशिश की लेकिन सनातन धर्म (Sanatan Dharm) के रूप में मंदिर आज भी वैसे ही खड़ा हैं। आजादी के बाद भारत के गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था।Jyotirlinga : मल्लिकार्जुन देश का इकलौता ऐसा ज्योतिर्लिंग, जहां शिव-पार्वती  दोनों का स्वरूप है मौजूद | Jyotirlinga: Mallikarjuna is the only  Jyotirlinga where both Shiva and ...

2-मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग(आंध्रप्रदेश):-

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग कृष्णा नदी के किनारे श्री शैल पर्वत पर आंध्र प्रदेश में स्थित हैं । इस को दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता हैं। साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस ज्योतिर्लिंग के मात्र दर्शन से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन के ज्योतिर्लिंग का नाम क्यों पड़ा महाकालेश्वर?  दर्शन से पहले जरूर जान लें ये बातें | Jansatta

3-महाकालेश्वर (उज्जैन,मध्यप्रदेश):-

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित हैं। यह ज्योतिर्लिंग एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग हैं, यहां कि रोजाना होने वाली भस्म आरती बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध हैं।ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग-Omkareshwar Jyotirling - Update with Sankrit

4-ओंकारेश्वर (खंडवा,मध्य प्रदेश):-

मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित हैं ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और साथ ही यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के किनारे एक पर्वत पर स्थित हैं। यह मान्यकता हैं कि जो भी तीर्थ यात्रा पर जाते है वो लोंग सभी तीर्थों का जल लाकर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में अर्पित करते हैं। तभी उनकी तीर्थ यात्रा को पूरा माना जाता हैं।places in kedarnath, केदारनाथ के आसपास की ये जगह भी हैं बेहद मशहूर, मंदिर  के दर्शन करने के बाद इन स्थानों में भी घूमने जरूर जाएं - places to visit in  kedarnath

5-केदारनाथ (उत्तराखंड):-

उत्तराखंड में केदारनाथ ज्योतिर्लिंग अलखनंदा और मंदाकिनी नदियों के तट पर केदार नाम की चोटी पर स्थित हैं। इस मंदिर कि पूर्वी दिशा में श्री बद्री विशाल का बद्रीनाथधाम मंदिर हैं। लोंगो कि यह मान्यता हैं कि भगवान केदारनाथ के दर्शन किए बिना आपकी बद्रीनाथ की यात्रा अधूरी मानी जाती हैं।Bhimashankar Jyotirlinga Temple, Timings, Photos, History | Shri Mathura Ji

6-भीमाशंकर (महाराष्ट्र):-

महाराष्ट्र में पुणें से करीब 100 किलोमीटर दूरी पर डाकिनी में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग स्थित हैं। भीमाशंकर में स्थित यह शिवलिंग काफी ज्यादा मोटा हैं इसलिए इस को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता हैं।Special arrangements made in Kashi Vishwanath for Mahashivratri |  महाशिवरात्रि को लेकर काशी विश्वनाथ में प्रशासन ने की खास व्यवस्था | Hindi  News, खबरें काम की

7- विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग(उत्तर प्रदेश):-

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर जिसे धर्म नगरी काशी के नाम से भी जाना जाता हैं वही पर बाबा विश्वरनाथ का मंदिर गंगा नदी के तट पर स्थित हैं जिसे विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता हैं। यह मान्यवता हैं कि कैलाश पर्वत को छोड़कर महादेव ने यहीं पर अपना स्थाई निवास बनाया था।Pandit For Kalsarp Pooja And Pitru Dosh Pooja In Trimbakeshwar Temple  Nashik in the city Trimbak

8-त्र्यंबकेश्वर (नाशिक,महाराष्ट्र ):-

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक से 30 किलोमीटर कि दूरी पर पश्चिम में और गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर काले पत्थरों से बना हैं। शिवपुराण में वर्णन हैं कि गौतम ऋषि और गोदावरी की प्रार्थना पर भगवान शिव ने इस स्थान पर निवास किया था और इस स्थान को त्र्यंबकेश्वर का नाम दिया।आरती समय सारणी: परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग धाम - हिन्दी ब्लॉग: दिशा अविनाश  शर्मा

9-बैजनाथ ज्योतिर्लिंग(झारखंड):-

झारखंड के देवघर में स्थित वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर जिसे वैद्यनाथधाम के नाम से भी जाना जाता हैं। यह कहा जाता हैं कि एक बार रावण ने अपने तप के बल से भगवान शिव को लंका ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन रास्ते में व्यवधान आ जाने से शर्त के अनुसार शिव जी यहीं स्थापित हो गए थे।नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से हो जाता है पापों का अंत - nageshwar  jyotirlinga story in hindi

10-नागेश्वर (गुजरात):-

गुजरात में बड़ौदा क्षेत्र में गोमती द्वारका के करीब नागेश्वर मंदिर स्थित हैं। पुराणों में भगवान शिव को नागों का देवता कहा गया हैं। नागेश्वर का अर्थ हैं नागों का ईश्वर कहा जाता हैं कि महादेव की इच्छा के अनुसार से ही इस ज्योतिर्लिंग का नामकरण किया गया हैं।भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना, चार धामों में से 1  है ये मंदिर | mahashivratri: rameshwaram jyotirling is believed to be  established by lord ram himself KPI

11-रामेश्वरम (तमिलनाडु):-

भगवान शिव का 11वां रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु के रामनाथम नामक स्थान पर स्थित हैं। यह मान्यहता हैं कि लंका पर चढ़ाई से पहले भगवान राम ने जिस शिवलिंग की स्थापना की थी, वही शिवलिंग रामेश्वर के नाम से विश्व विख्यात हुआ है।

dharm aastha: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास

12-घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, (महाराष्ट्र):-

भगवान शिव का यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के संभाजीनगर के समीप दौलताबाद के पास स्थित हैं। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से घृष्णेीश्वार ज्योतिर्लिंग अंतिम हैं। भगवान शिव का यह ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर नाम से भी प्रसिद्ध हैं।

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