प्रयागराज: सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा लखीमपुर खीरी मामला

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर एक पत्र याचिका दाखिल की गई है। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) स्वदेश और प्रयागराज लीगल एंड क्लीनिक की तरफ से कार्यवाह मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई पत्र याचिका (लेटर पिटीशन) में पूरे मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच कराए जाने के आदेश दिए जाने की मांग की गई है।

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साथ ही अपील की गई है कि सीबीआई जांच होने की सूरत में उच्च न्यायालय द्वारा मॉनिटरिंग किया जाए. इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई किए जाने की मांग की भी गई है। संस्थाओं की तरफ से अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने यह पत्र याचिका दाखिल की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि लखीमपुर से लेकर लखनऊ तक बैठे बड़े पुलिस अफसरों की भूमिका एवं लापरवाही की भी जांच की जानी चाहिए। गौरतलब है कि धारा 144 और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए जहां एक ओर जिला प्रशासन ने नेताओं को घरों में रहने की अपील की है वहीं सियासी पार्टियां इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए लखीमपुर खीरी जाने की जिद पर अड़े हैं।

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर एक पत्र याचिका दाखिल की गई है। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) स्वदेश और प्रयागराज लीगल एंड क्लीनिक की तरफ से कार्यवाह मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई पत्र याचिका (लेटर पिटीशन) में पूरे मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच कराए जाने के आदेश दिए जाने की मांग की गई है। साथ ही अपील की गई है कि सीबीआई जांच होने की सूरत में उच्च न्यायालय द्वारा मॉनिटरिंग किया जाए. इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई किए जाने की मांग की भी गई है।

संस्थाओं की तरफ से अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने यह पत्र याचिका दाखिल की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि लखीमपुर से लेकर लखनऊ तक बैठे बड़े पुलिस अफसरों की भूमिका एवं लापरवाही की भी जांच की जानी चाहिए। गौरतलब है कि धारा 144 और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए जहां एक ओर जिला प्रशासन ने नेताओं को घरों में रहने की अपील की है वहीं सियासी पार्टियां इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए लखीमपुर खीरी जाने की जिद पर अड़े हैं।

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