वर्क टू आंदोलन को धार देंगे अधिकारी, 3 घंटे का हुआ कार्य बहिष्कार

रायबरेली। पावर कारपोरेशन की नीतियों के खिलाफ बिजली विभाग के अधिकारी बड़ा आंदोलन करने की रूप रेखा तैयार कर चुके हैं। वर्क टू रूल आंदोलन के तहत  अभियंता और सहायक अभियंता पहले से ही आंदोलित है। अब बड़े अधिकारी कार्य बहिष्कार की राह पकड़ चुके हैं। कहा जा रहा कि मांग पूरी न होने तक लंबे समय तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

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राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के बैनर तले सिविल लाइंस स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर बैठक की गई और अधीक्षण अभियंता वाइएन राम भी सारे कामकाज छोड़ कर कार्य बहिष्कार पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभियंताओं के उत्पीड़न पर आवाज उठाई जाएगी। लखनऊ के क्षेत्रीय सचिव सौरभ प्रजापति ने कहा कि ऊर्जा निगमों के एकीकरण, पदोन्नति नियमों में किए गए मनमाने परिवर्तन वापस लेने, कैशलेस मेडिकल सुविधा दिए जाने, रिक्त पदों को पदोन्नति व नई भर्ती करके भरने, पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

इसके बाद भी पावर कारपोरेशन प्रबंधन अभियंताओं की अनसुनी कर रहा है। इसके खिलाफ बुधवार को तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया। मांग पूरी न होने पर 18 अक्टूबर से लगातार तीन घंटे का कार्य बहिष्कार होगा। इस मौके पर  एक्सईएन ओपी सिंह, अखिलेश कुमार, दिलीप मौर्य, एसडीओ वीरेंद्र अहिरवार, मनीष यादव आदि कार्य बहिष्कार पर रहे।

नहीं सुधरी ट्रिपिंग की समस्या

शहर में इस समय ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। अधिकारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं जिस कारण समस्या का हल नहीं निकल सका है। हालांकि एक दिन पूर्व अवीक्षण अभियंता ने बिजली की लाइन के पास से गुजरी पेड़ की डालों को काटने का निर्देश दिया है। असल में पेड़ की डाल जब लाइन से टकराती हैं तो स्पार्किंग होती है जिससे लाइन भी ट्रिप होती है।

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