कानपुर हिंसा: 59 की गिरफ्तारी के बाद सुस्त पड़ी पुलिस, कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

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कानपुर। तीन जून की हिंसा के बाद पुलिस सक्रिय तो दिख रही है पर गिरफ्तारियों को लेकर उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। अलर्ट मोड में हर दम रहने वाली पुलिस को क्या हो गया? सवाल है कि इस हिंसा में तीन एफआईआर दर्ज करने के बाद अब तक 59 बलवाइयों को ही गिरफ्तार किया जा सका है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। जल्दबाजी करके खुद की किरकिरी नहीं कराना चाहती है। गिरफ्तारी पुख्ता सबूत के साथ की जा रही हैं।

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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी चार एफआईआर दर्ज की गयी हैं। इन बलवाइयों के पोस्टर भी जारी किए गए हैं। बेकनगंज में राम-जानकी मंदिर पर बाबा बिरियानी के नाम पर बड़ा ब्रांड शुरू करने वाला मुख्तार बाबा सहित 26 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज है। बाबा फिलहाल जेल मे है।

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लोग कहने लगे हैं कि राष्ट्रपति, पीएम, गवर्नर, सीएम की मौजूदगी में तीन जून को कानपुर में जुमे की नमाज के बाद हिंसा को लेकर पुलिस अब तक सक्रिय तो है, पर बैकफुट पर भी दिखती है। तीन सौ से अधिक बलवाइयों की फोटो होने के बाद भी अब तक नया पोस्टर क्यों नहीं जारी किया गया। और तो और पहले जारी किए गए पोस्टर में आरोपियों की शिनाख्त होने के बाद भी पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है। 15 दिन बीत गए हैं और अब तक पत्थरबाज गिरफ्तार नहीं हुआ है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने 40 उपद्रवियों का एक पोस्टर हिंसा के बाद जारी किया था।

जानकारी के अनुसार हिंसा के बाद पुलिस ने वायरल हुए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से मिलीं तस्वीरों से 300 से ज्यादा पत्थरबाजों की फोटो निकाली गयी हैं। इसमें से 40 उपद्रवियों का पहला पोस्टर जारी करने के बाद 18 पत्थरबाजों को गिरफ्तार कर लिया और सात की पहचान हो गई है।

तनाव को देखते हुए दो बटालियन पीएसी स्थाई रूप से तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स, चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल हिंसा में शामिल बड़े माफियाओं के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है। बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा और उसके गुर्गे अजीम को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। अब हाजी वसी की तलाश में पुलिस दिल्ली समेत अन्य जिलों में डेरा डाले है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश का कहना है कि हिंसा के बाद गठित चार एसआईटी अपनी-अपनी जांच तेजी से कर रही हैं।

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